Saturday, Dec 03, 2022
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nirmala sitharaman met people associated with bjp organization

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पूर्व भाजपा संगठन से जुड़े लोगों से की मुलाकात

  • Updated on 1/10/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। वित्त वर्ष 2020-21 के आम बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बृहस्पतिवार को भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रवक्ताओं, किसान, मजदूर संघों सहित विभिन्न पार्टी मोर्चो के सदस्यों, विशेषज्ञों से पार्टी मुख्यालय में चर्चा की। सीतारमण ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी पदाधिकारियों से चार दौर की चर्चा की और उनकी राय ली।

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विभिन्न प्रकोष्ठों के साथ हुई बैठक
भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने इस बारे में कहा, ‘‘वित्त मंत्री (Finance Minister) ने पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के साथ बैठक की और संवाद किया । हमें विश्वास है कि आगामी बजट लोकोन्मुखी होगा।’’ संसद (Parliament) का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर दो चरणों में तीन अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान एक फरवरी को वित्त वर्ष 2020-21 का आम बजट पेश किया जायेगा।' सीतारमण ने पार्टी पदाधिकारियों और विभागों एवं मोर्चा के अधिकारियों के साथ ऐसे समय में बैठक की है, जब चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर के गिरकर पांच प्रतिशत पर आने का अनुमान सरकार ने लगाया है।

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मोदी सरकार गांव और गरीब के कल्याण को समर्पित है
पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार गांव, गरीब के कल्याण को सर्मिपत है । लोक कल्याण सरकार का भी एजेंडा है और पार्टी का भी। सूत्रों ने बताया कि भाजपा मुख्यालय में यह बैठक दो घंटे से ज्यादा समय तक चली। इस बैठक में पार्टी ने किसान, ओबीसी (OBC), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आदि मोर्चे से जुड़े नेताओं को खासतौर से बुलाया था, ताकि बजट में किसानों, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति जनजाति आदि समुदायों की मांगों के बारे में जानकारी ली जा सके।

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अर्थशास्त्रियों के साथ हुई बैठक
इससे पहले वित्त मंत्री (Finance Minister) के कार्यालय (Office) की ओर से ट्वीट किया गया कि वह पहले ही उद्योगपतियों और विशेषज्ञों के साथ बजट पूर्व बैठक कर परामर्श ले चुकी हैं। इसमें कहा गया कि जब प्रधानमंत्री की अगुवाई में बैठक हो रही थी, तब वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों सहित सभी मोर्चा प्रभारियों और प्रवक्ताओं के साथ बैठक कर बजट से संबंधित सुझाव ले रहीं थीं। उनके कार्यालय के अनुसार वह पहले से निर्धारित बैठक को रद्द नहीं कर सकती थीं, जो पार्टी के अधिकारियों के साथ होनी थी। इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister Office) को दी गई, जिसके बाद पीएम मोदी ने ही उन्हें दूसरी बैठक का हिस्सा बनने का सुझाव दिया था।

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