Friday, Apr 19, 2019

गरीबों को आय गारंटी के कांग्रेसी वादे से नीति आयोग में खलबली, उठाए सवाल

  • Updated on 3/25/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी की पांच करोड़ गरीब परिवारों को न्यूनतम आय गारंटी के तहत सालाना 72,000 रुपये देने के वादे से राजकोषीय अनुशासन धराशायी हो जाएगा और इस योजना से एक तरह से काम नहीं करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। राहुल गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो देश के सर्वाधिक गरीब 20 फीसदी परिवारों को 72,000-72,000 रुपये सालाना बतौर न्यूनतम आय उपलब्ध कराई जाएगी।

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कुमार ने ट्वीट किया, 'कांग्रेस के पुराने रिकार्ड को देखा जाए तो वह चुनाव जीतने के लिए चांद लाने जैसे वादें करती रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने जिस योजना की घोषणा की है, उससे राजकोषीय अनुशासन समाप्त होगा, काम नहीं करने को लेकर एक प्रोत्साहन बनेगा और यह कभी क्रियान्वित नहीं होगा।' एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि न्यूनतम आय गारंटी योजना की लागत सकल घरेलू उत्पाद का 2 प्रतिशत तथा बजट का 13 प्रतिशत बैठेगा। इससे लोगों की वास्तविक जरूरतें पूरी नहीं हो पायेंगी।'

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कुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए 1971 में गरीबी हटाओ का नारा दिया, 2008 में वन रैंक, वन पेंशन का वादा किया, 2013 में खाद्य सुरक्षा की बात कही, लेकिन इसमें से कुछ भी पूरा नहीं कर सकी। इस बीच, प्रधानमंत्री की आॢथक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने भी ट्विटर पर गांधी की चुनाव पूर्व घोषणा की आलोचना की है। लेकिन बाद में एक ट्विटर उपयोगकर्ता के यह कहने पर कि वह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है, ट्वीट को हटा दिया गया।

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पीएमईएसी ने ट्विटर पर लिखा था कि आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति तथा राजकोषीय अनुशासन में सही संतुलन स्थापित करने को लेकर पिछले पांच साल में काफी कार्य किये गये हैं। परिषद ने कहा, ‘‘कांग्रेस की आय गारंटी योजना इस संतुलन को बिगाड़ देगी या सरकार के महत्वपूर्ण खर्चों में कमी आएगी। दोनों विकल्प खतरनाक हैं।

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ट्विटर इस्तेमाल करने वाले ञ्चसुमेधभागवत ने जब पीएमईएसी सदस्यों से कहा कि उनके ट्वीट चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है, परिषद के चेयरमैन बिबेक देबरॉय ने ट्विटर  से संदेश को हटा दिया। देबरॉय ने ट्वीट किया, 'ट्वीट को हटा दिया गया है। बताने के लिये धन्यवाद।' अगले महीने से शुरू होने वाले आम चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा। सात चरणों में होने वाले चुनाव में करीब 90 करोड़ लोग वोट देने के पात्र हैं।

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