Saturday, Jan 22, 2022
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no entry of cbi in maharashtra without permission of uddhav government pragnt

महाराष्ट्र में बिना इजाजत CBI की No Entry, उद्धव सरकार ने 'आम सहमति' ली वापस

  • Updated on 10/22/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दो महीने से भी अधिक वक्त से बॉलिवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) केस जांच कर रही सीबीआई अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इस बीच महाराष्ट्र (Maharashtra) की उद्धव सरकार (Uddhav Thackeray) ने राज्य में सीबीआई जांच को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जांच के लिए सीबीआई को दी गई आम सहमति बुधवार को वापस ले ली। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को कोई भी केस की जांच से पहले महाराष्ट्र सरकार से इजाजत लेनी होगी। बता दें कि इससे पहले राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने सीबीआई को बिना राज्य सरकार की अनुमति केस की जांच पर रोक लगाई है।

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उद्धव सरकार का बड़ा फैसला
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान के सदस्यों को एक कानून के तहत राज्य में शक्तियों और न्यायक्षेत्र के इस्तेमाल की सहमति को वापस लेने संबंधी एक आदेश बुधवार को जारी किया। सूत्रों के अनुसार इस कदम के तहत सीबीआई को अब राज्य में शक्तियों और न्यायाक्षेत्र के इस्तेमाल के लिए आम सहमति नहीं होगी जो महाराष्ट्र सरकार द्वारा 22 फरवरी 1989 को जारी एक आदेश के तहत दी गई थी और उसे किसी मामले की जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।

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राज्य सरकार से लेनी होगी इजाजत
बता दें कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच पहले मुंबई पुलिस कर रही थी। लेकिन बाद में मामला पटना में अभिनेता के पिता द्वारा दर्ज कराये गए एक प्राथमिकी के आधार पर सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार अब अगर सीबीआई किसी मामले की जांच करना चाहती है तो उसे सहमति के लिए राज्य सरकार से संपर्क करना होगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्य पहले ही ऐसे कदम उठा चुके हैं।

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जांच में दो और चैनलों के नाम सामने आए
इसके अलावा हाल ही में सामले आए कथित फर्जी टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स (TRP) मामले की जांच के दौरान दो और टेलीविजन चैनलों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि इनमें एक समाचार चैनल है तो दूसरा मनोरंजन चैनल है। उन्होंने कहा,'जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ये दो चैनल टीआरपी फिक्स करने में शामिल हैं और लोगों को उनका चैनल देखने के लिए पैसे दिया करते थे।'

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TRP रैकेट में रिपब्लिक टीवी के बयान दर्ज
उन्होंने बताया कि पुलिस ने फर्जी टीआरपी मामले में और धाराएं जोड़ दी हैं। इससे पहले रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनल टीआरपी रैकेट में कथित रूप से शामिल पाए गए थे। इस बीच जांच टीम ने बुधवार को एक बार फिर रिपब्लिक टीवी के सीएफओ एस सुंदरम और कार्यकारी संपादक निरंजन नारायणस्वामी के बयान दर्ज किए।

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