Thursday, Dec 08, 2022
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no mention of use of loudspeaker for worship in religion high court

किसी भी धर्म में पूजा के लिए लाउडस्पीकर के प्रयोग का उल्लेख नहीं- हाईकोर्ट

  • Updated on 1/22/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने एक मामले में कहा है कि किसी भी धर्म में पूजा-अर्चना के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का उल्लेख नहीं है। अदालत ने जौनपुर (Jaunpur) जिले के शाहगंज (Shahganj) के बद्दोपुर गांव में दो मस्जिदों में अजान के लिए लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं देने के जिला प्रशासन के निर्णय पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

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पीठ ने जौनपुर के मसरूर अहमद द्वारा दायर याचिका की खारिज
इसके साथ ही न्यायमूर्ति पंकज मिताल और न्यायमूर्ति वीसी दीक्षित की पीठ ने जौनपुर के मसरूर अहमद द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ने इन दो मस्जिदों पर लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति मांगी थी।

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दोनों मस्जिदों के इलाके का किया गया निरीक्षण
क्षेत्राधिकारी ने सात मार्च, 2019 को दोनों मस्जिदों के इलाके का निरीक्षण किया था और अपनी रिपोर्ट में कहा कि वहां हिंदुओं और मुस्लिमों की मिश्रित आबादी है और यदि किसी पक्ष को साउंड एंप्लीफायर का उपयोग करने की अनुमति दी जाती है तो इससे दोनों समूहों के बीच तनाव बढ़ेगा, जिससे इलाके में शांति भंग होने की आशंका है।

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गांव के दो धार्मिक समूहों के बीच दुर्भावना पैदा होगी-एसडीएम
शाहगंज के एसडीएम ने 12 जून, 2019 को इस आधार पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति देने से मना कर दिया था कि इससे गांव के दो धार्मिक समूहों के बीच दुर्भावना पैदा होगी।

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