Monday, Dec 06, 2021
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेटवे

  • Updated on 11/25/2021

 


जेवर, 25 नवंबर (दिनेश शर्मा): यूपी सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव में अपने मास्टर स्ट्रोक के रूप में सबसे बड़े ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतार दिया है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को ग्रेटर नोएडा के जेवर में एशिया के सबसे बड़े और दुनिया के चौथे सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की नींव रखी। इस मौके पर पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेटवे बनेगा । एयरपोर्ट एक्सपोर्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सीधा जुड़ेगा। छोटे किसान यहां से सीधे जल्द खराब होने वाले वस्तुओं को एक्सपोर्ट कर सकेंगे। सभी आसपास के जिलों को एक्सपोर्ट के लिए बहुत लाभ होगा। हवाई अड्डे के निर्माण के दौरान सुचारू रूप से चलाने के लिए हजारों लोगों की जरूरत होती है जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा। हमने इस सोच को बदला कि दिल्ली में एयरपोर्ट है लेकिन अन्य आसपास के जिलों को भी एयरपोर्ट चाहिए। एयर कनेक्टिविटी बढऩे से टूरिज्म बढ़ता है। जैसे माता वैष्णो देवी और चारधाम में हेलिकॉप्टर सेवा आने से वहां टूरिज्म बढ़ा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष व यूपी की पूर्व सरकारों पर भी जमकर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद से यूपी की छवि नकारात्मक बनाकर रखी गई। पिछली सरकारों ने कैसे पश्चिमी यूपी के विकास को नजरअंदाज किया उसका एक उदाहरण जेवर एयरपोर्ट भी है। दो दशक पहले राज्य की भाजपा सरकार ने इसका सपना देखा लेकिन बाद की सरकारों ने इसे फंसाए रखा। एक सरकार ने तो लिखित में केंद्र को दिया था कि इस एयरपोर्ट का काम बंद किया जाए। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने इस सपने को साकार किया। पीएम ने कहा कि हम चाहते तो 2017 में ही यहां आकर शिलान्यास कर देते लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। पहले सरकारें रेवडिय़ों की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजक्ट की घोषणा कर देती थीं लेकिन कोई विचार नहीं करती थीं कैसे बनेगा। इसी वजह से लागत कई गुना बढ़ जाती थी। एक-दूसरे पर ठीकरा फोडऩे की नीति शुरू हो जाती है। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। क्योंकि ये हमारे लिए राजनीति नहीं राष्ट्रनीति का एक बड़ा हिस्सा है। हमारी कोशिश है कि प्रोजेक्ट लटके नहीं, भटके नहीं। तय समय पर काम पूरा हो, देरी होने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। किसानों की जमीन को लेकर जिस तरह की देरी होती थी वो भी प्रोजेक्ट में देरी का कारण बनती थी। हमने किसान हित में, देश के हित में इन अड़चनों को भी दूर किया। हमने कोशिश की कि पूरी पारदर्शिता के साथ भूमि अधिग्रहण हो इसके बाद हमने शिलान्यास किया ताकि सबके साथ न्याय हो। 
यूपी को ताने सुनने के लिए मजबूर कर दिया गया था। कभी गरीबी, कभी उद्योगों के अभाव के ताने, खराब सडक़ों के ताने, अपराध के ताने। यूपी के लोगों का यही सवाल था कि क्या कभी यहां की सकारात्मक छवि बन पाएगी कि नहीं। पहले की सरकार ने यूपी में जो अभाव अंधकार बनाए रखा, झूठे सपने दिखाए। आजादी के सात दशक बाद यूपी को वो मिलना शूरू हुआ है जिसका वो हकदार रहा है। वहीं यूपी आज अंतरराष्ट्रीय छाप छोड़ रहा है।डबल इंजन की सरकार से यूपी देश का सबसे विकसित राज्य बन रहा है। रैपिड रेल कॉरिडोर हो, मेट्रो रेल कनेक्टिविटी हो, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर हों यह आधुनिक यूपी की नई पहचान बन रहे हैं।


पश्चिमी उप्र के किसानो का साधने का प्रयास लेकिन विकास के जरिए
वीरवार दोपहर जेवर क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए अपने तीस मिनट के भाषण में बीस मिनट तक वह यूपी के विकास और देश में अलग अलग शहरों में उनके कार्यकाल में एयरपोर्ट कनेक्टविटी और उससे होने वाले विकास और रोजगार पर जोर दिया। दस मिनट उन्होंने विपक्ष की राजनैतिक और भाजपा सरकार के कामकाज में क्या फर्क है इसको लेकर जनता के बीच संदेश देने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी और देश के लोग गवाह हैं कि बीते कुछ हफ्तों में विपक्षियों द्वारा कैसी राजनीति हुई लेकिन देश विकास के रास्ते पर नहीं रुका। इसी महीने की शुरुआत में 2070 तक नेट जीरो की घोषणा की है। यूपी में एक साथ नौ मेडिकल कॉलेज की शुरुआत कर नई इबारत लिखी है। महोबा और झांसी में भी कई काम हुए। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भी यूपी को समर्पित किया गया। इसी महीने महाराष्ट्र के पंडरपुर में सैकड़ों किलोमीटर के हाईवे का उद्घाटन किया गया। हमारे राष्ट्रभक्ति के सामने कुछ राजनीतिक दलों की कामनाएं टिक नहीं सकतीं। यही प्रगति हमें आगे ले जाएगी। पिछले कुछ माह से पश्चिमी यूपी के किसान भाजपा सरकार से नाराज दिखाई दे रहे है। किसान संबंधी तीन बिल वापस लेने के बाद प्रधानमंत्री की यह पहली जनसभा थी। जिसमें ढाई से तीन लाख लोग मौजूद थे। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि वह किसान बिल के मुद्दे पर भी कुछ बोलेंगे लेकिन उन्होंने इस मुद्दे को छुआ ही नहीं और न ही कोई बड़ी घोषणा की। जिसकी उम्मीद लोग लगाए हुए थे। 


योगी आदित्यनाथ ने विकास के साथ साथ जिन्नावादियों पर कसे तंज 
अपने नौ मिनट के संबोधन में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी और खासतौर पर पश्चिमी उप्र के विकास की नित नई उपब्धियों पर फोकस किया और नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में हो रहे निवेश और प्रोजेक्टों और उसे मिलने वाले रोजगार से यूपी की दिशा और दशा बदलने के साथ साथ विपक्ष खासकर सपा पर भी निशाना साधना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि यहां के किसानों ने कभी किसी कालखंड में यहां की गन्ना की मिठास को आग बढ़ाने का काम किया था। लेकिन कुछ लोगों ने मिठास को कड़वाहट में बदलकर यहां पर दंगों की एक श्रृंखला खड़ी की थी। आज ये देश के अंदर नया द्वंद्व बना है कि देश गन्ना की मिठास को नई उड़ान देगा या जिन्ना के अनुयायियों से फिर दंगा करवाने की शरारत करवाएगा। यही तय करने के लिए मैं यहां आया हूं।

 

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