Tuesday, Jun 22, 2021
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गांधी नगर में 250 फैक्ट्रियों को नोटिस, निगम जल्द शुरू करेगा सीलिंग की कार्रवाई

  • Updated on 11/15/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। विश्वास नगर में अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ  कार्रवाई के बाद पूर्वी निगम ने गांधीनगर में रिहायशी इलाकों में चल रही  फैक्ट्रियों के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। निगम ने पहले चरण में 250 से ज्यादा फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में लगभग तीन हजार फैक्टरियों को सूची में शामिल किया गया है।

विश्वास नगर में बड़े पैमाने पर अवैध फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सील करने व जुर्माना वसूलने के बाद निगम अधिकारियों ने गांधीनगर स्थित रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों के सर्वे का काम पूरा कर लिया है। निगम ने दीपावली के चलते अवैध फैक्टरियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई को रोक दिया था।

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त्यौहारों के चलते निगम पार्षदों ने निगमायुक्त पुनीत गोयल व शाहदरा दक्षिण जोन के उपायुक्त दीपक शिंदे से इस दौरान सीलिंग नहीं करने को कहा था। जिसके बाद निगम ने दिपावली पर सीलिंग की कार्रवाई रोक दी थी। बुधवार को उपायुक्त दीपक शिंदे ने बताया कि गांधीनगर में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है, जिसमें लगभग तीन हजार फैक्ट्रियों को शामिल किया गया है। ये वे फैक्ट्रियां हैं, जिन्होंने पार्किग, मिसयूज व कन्वर्जन शुल्क जमा नहीं कराया है।

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शाहदरा साउथ जोन के निगम उपायुक्त दीपक शिंदे ने बताया कि सीलिंग के लिए अब तक 250 से अधिक फैक्ट्री मालिकों को नोटिस भेजा गया है। इनमें से जो फैक्ट्री मालिक कन्वर्जन शुल्क जमा करा रहे हैं, उनके खिलाफ  सीलिंग की कार्रवाई नहीं की जाएगी। जो फैक्ट्री मालिक शुल्क जमा नहीं करा रहे हैं, उनकी फैक्ट्री सील की जाएंगी। निगम की मानें तो जल्द ही अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। 

वहीं राजधानी दिल्ली के फार्म हाउस और मोटल्स पर सीलिंग से राहत नहीं मिली है। नई पॉलिसी लागू करने के बाद भी ये सीलिंग के दायरे से बाहर नहीं हैं।

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कोर्ट ने दक्षिणी नगर निगम को फटकार लगाते हुए कहा था कि मास्टर प्लान में फार्म हाउस और मोटल्स को स्थायी करने का कोई प्रावधान नहीं तो कैसे निगम इन्हें स्थायी कर सकता है। कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि 15 दिनों के अंदर दक्षिणी नगर निगम फार्म हाउस और मोटल्स में होने वाले प्रोग्राम का ब्योरा तैयार कर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष जवाब मांगा है। 

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