Tuesday, Jan 28, 2020
now private hospital will provide free ventilator for patients

प्राइवेट अस्पतालों में भी अब मिलेगा नि:शुल्क वेंटिलेटर

  • Updated on 11/29/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के उन मरीजों को अब प्राइवेट अस्पतालों (Private hospital) में भी नि:शुल्क सुविधा  (Free facility) मिलेगी, जिन्हें वेंटिलेटर की तत्काल जरूरत होगी। दिल्ली सरकार (Delhi इस दिशा में योजना बना रही है। इसके क्या पैकेज होंगे, किन दरों पर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी, सरकार की टीम इसकी योजना तैयार कर रही है।

सरकार की कोशिश रहेगी कि शीघ्र ही इस सुविधा की शुरूआत कर दी जाए। अगर सरकारी योजना जमीन पर उतरती है तो यह कदम राजधानी में वेंटिलेटर की कमी को प्रबंधित करने में बड़ा कदम साबित होगा और मरीजों को भी इस कदम से बड़ी राहत मिलेगी। यह सुविधा भी उसी तर्ज पर दिया जाएगा जैसे सरकारी अस्पतालों (Government Hospital) में एक महीने से ज्यादा वेटिंग होने होने पर सीटी स्कैन, एमआरआई और कुछ सर्जरियां प्राइवेट अस्पतालों में करवाने की सुविधा मिलती है। दिल्ली सरकार की ओर से यह जानकारी दिल्ली सरकार की ओर से उच्च न्यायालय में दी गई है।

Govt. अस्पतालों के मुकाबले सात गुना अधिक महंगे है Private अस्पताल

दिल्ली सरकार तैयार कर रही इसके लिए दिशानिर्देश

  • इसके लिए आय की नहीं होगी सीमा
  • सरकार ने उच्च न्यायालय में दी जानकारी 

किस इलाके में कितने हैं कैंसर मरीज बताएगा मानचित्र, देश में पहली बार होगी जियो टैगिंग

क्या है पूरा मामला?

वर्ष 2017 में एक नवजात की वेंटिलेटर समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण मौत हो गई थी। बच्चे को लेकर परिजन चार अस्पतालों में लेकर गए लेकिन कहीं भी उन्हें वेंटिलेटर नहीं मिला। इस मामले में उच्च न्यायालय ने  तल्क रुख भी अपनाया था। साथ ही अस्पतालों में शीघ्र वेंटिलेटर से संबंधित सुविधाओं को दुरूस्त करने के भी निर्देश दिए थे। ताजा सुनवाई के दौरान एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी कि कोर्ट द्वारा वेंटिलेटर की तादाद बढ़ाने के निर्देश दिए हुए काफी वक्त बीत चुके हैं लेकिन 33 अस्पतालों में से किसी में भी एक भी नया वेंटिलेटर नहीं लगाया गया। 

एलएनजेपी में कैंसर मरीजों को जल्द मिलेगी लीनियर एक्सीलेटर की सुविधा

नई योजना में दिशानिर्देश

  • प्राइवेट अस्पतालों के साथ करार होगा और 100 बिस्तरों को आरक्षित  रखा जाएगा। 
  • इनमें से तीन बिस्तर आईसीयू के होंगे। 
  • करार उन्हीं अस्पतालों से होगा जो एनएबीएच से एक्रिडेटेड होंगे। 
  • एनएबीएच एक्रिडेटेड नर्सिंग होम्स के साथ भी करार किया जाएगा। 
  • नर्सिंग होम्स को नवजातों के लिए 10 आईसीयू बिस्तरों को आरक्षित रखना अनिवार्य होगा। 
  • सरकारी अस्पतालों से रेफर हुए मरीजों को ये बिस्तर तत्काल उपलब्ध कराने होंगे। 
  • प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम्स का बिल भुगतान दिल्ली आरोग्य कोष से किया जाएगा। 
  • इस सुविधा के लिए आय की सीमा नहीं रहने के कारण इसका लाभ सभी दिल्ली वालों को मिलेगा। 
Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.