Monday, Nov 29, 2021
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अब अंग्रेजी में नहीं बोलेंगे आपके नेता, जानिए पूरा मामला

  • Updated on 4/17/2017

Navodayatimesनई दिल्ली/टीम डिजिटल। हमारे देश की राष्ट्रीय भाषा हिंदी है फिर से हिंदी से लोग दूर भागते हैं।वह चाहे नेता हो अभिनेता या फिर आम लोग। ऐसे में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसदीय समीति की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति से सिफारिश की गई थी कि राष्ट्रपति और प्रधानंत्री समेत सभी मंत्री और नेता सिर्फ हिंदी में ही भाषण दें।

ये सिफारिश आधिकारिक भाषाओं को लेकर बनी संसदीय समिति ने की थी।जिसको अब मंजूरी मिल गई है। खबर के अनुसार, अब जो अगला राष्ट्रपति बनेगा वह हिंदी में ही भाषण देगा। प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के अधिकांश सहयोगी हिंदी में ही भाषण देते हैं। अब इसको मंजूरी देने के लिए राष्‍ट्रपति ने इसे प्रधानमंत्री कार्यालय, सभी मंत्रियों और राज्यों को भेजा दिया है।

राष्ट्रपति ने कई और सिफारिशों को भी अपनी मंजूरी दी है, जिनमें एयर इंडिया की टिकटों पर हिंदी का उपयोग और एयरलाइंस में यात्रियों के लिए हिंदी अखबार तथा मैगजीन होने की बात को भी मुख्यता दी गई है। वहीं, इसे केवल सरकारी एयरलाइंस तक ही रखा गया है।

इसके साथ ही सरकारी भागीदारी वाली निजी कंपनियों में बातचीत के लिए हिंदी को अनिवार्य करने तथा निजी कंपनियों के लिए अपने उत्पादों के नाम और संबंधित सूचना को हिंदी में देने की सिफारिश की गई है। आधिकारिक भाषा पर संसद की इस समिति ने 1959 से राष्ट्रपति को अब तक 9 रिपोर्ट्स दी हैं। 2011 में इस समीति ने रिपोर्ट दी थी जिसके अध्यक्ष पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम थे।

 

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