Wednesday, Apr 01, 2020
nsa ajit doval arrives to pacify delhi know why james bond of india is called

दिल्ली को शांत कराने पहुंचे NSA अजीत डोभाल, जानें क्यों कहे जाते हैं भारत के जेम्स बॉन्ड

  • Updated on 2/27/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के उत्तर पूर्वी इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोधियों और समर्थकों के बीच भड़की हिंसा को शांत करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और भारत के जेम्स बॉड कहे जाने वाले अजीत डोभाल (Ajit Doval) लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने हिंसा वाली जगह पर जागर लोगों से मिलकर हालात का जायजा लिया।

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पहले भी कई हिंसक घटनाओं का शांत कराने में डोभाल निभा चुके हैं अहम भूमिका
लोगों से बातचीत कर मामले को सुलझाना डोभाल की पुरानी आदत है। डोभाल ग्राउंड जीरो पर काम करने में ज्यादा यकीन रखते हैं। कभी कश्मीर में बच्चों से बातचीत कर तनाव को हल्का करते है तो कभी कश्मीरियों के साथ बिरियानी खाते नजर आते हैं।

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7 साल पाकिस्तान में मुसलमान बनकर रहे
20 जनवरी को जन्में अजित डोभाल को सर्जिकल स्‍ट्राइक (Surgical strike) का मास्‍टर माइंड कहा जाता है। अपने देश के लिए अजित डोभाल ने अपनी पहचान भी बदली और 7 साल पाकिस्तान में मुसलमान बनकर रहे। वो पहले पुलिस अफसर है जिन्हें सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। आईए जानते हैं अजित डोभाल के बारे में कुछ जरुरी बातें...

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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 20 जनवरी 1945 को हुआ जन्म
अजीत डोभाल आई.पी.एस. और भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं.इनका जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 20 जनवरी 1945 को हुआ था। अजमेर के मिलिट्री स्कूल से इनकी पढ़ाई हुई और फिर आगरा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया। 1968 केरल बैच के IPS अफसर अजीत डोभाल अपनी नियुक्ति के चार साल बाद साल 1972 में इंटेलीजेंस ब्यूरो से जुड़ गए थे।

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साल 2014 में 5वें एनएसए के रूप में नियुक्त किया गया
साल 2005 में एक तेज तर्रार खुफिया अफसर के रूप में स्थापित अजीत डोभाल इंटेलीजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर पद से रिटायर हो गए। इसके बाद साल 2009 में अजीत डोभाल विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट बने। इस दौरान न्यूज पेपर में लेख भी लिखते रहे। साल 1989 में अजीत डोभाल ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से चरमपंथियों को निकालने के लिए 39; ऑपरेशन ब्लैक थंडर39; का नेतृत्व किया था। 30 मई, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को देश के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया। पाकिस्तान में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान वह सबसे ज्यादा चर्चा में आए और सर्जिकल स्ट्राइक के मास्टरमाइंड कहे जाने लगे।


 

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