Thursday, Apr 09, 2020
nursery admission date of application extended in cwsn category

Nursery Admission: CWSN वर्ग में आवेदन की तिथि बढ़ी, जानें क्या है अंतिम तारीख

  • Updated on 3/12/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली के अनएडेड, निजी व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) के अंतर्गत आने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) कैटेगरी में ऑनलाइन आवेदन की तिथि को आगे बढ़ा दिया है। पहले सीडब्ल्यूएसएन कैटेगरी का पहला कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ 17 मार्च को जारी होने वाला था, लेकिन अब सीडब्ल्यूएसएन कैटेरगी में आवेदन की अंतिम तिथि को 21 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। 

निदेशालय के एक अधिकारी ने कहा कि दिव्यांग कैटेगरी में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दाखिले के लिए बीते साल जो आवेदन मांगे गए थे उसमें भी सीटें खाली रह गई थीं। वह दिल्ली के ऐसे अभिभावकों से अपील करते हैं जिनके बच्चे दिव्यांग हैं और आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अंतर्गत आते हैं। उन्हें प्री स्कूल, नर्सरी- प्री नर्सरी-केजी व पहली कक्षा के लिए 21 तक निदेशालय की वेबसाइट पर आकर आवेदन करना होगा। राजधानी के 191 स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को हर प्रकार की सुविधा का प्रावधान रखा गया है। इस कैटेगरी का कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ अब 30 मार्च को आयोजित किया जाएगा।

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फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व
कुछ अभिभावकों का कहना था कि कुछ स्कूल फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व (FCFS) क्राइटेरिया भी शामिल कर रहे हैं। मामले पर एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के संस्थापक सुमित वोहरा ने कहा कि शिक्षा निदेशालय इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा जो दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना कर रहे हैं। जबकि कई स्कूलों ने अपनी वेबसाइट पर प्रतिबंधित क्राइटेरिया में दाखिले लेने की बात कही है। इससे वेटिंग लिस्ट की प्रासंगिकता ही खत्म हो जाएगी।

Nursery Admission: सीट खरीदने के लिए कर रहे अभिभावकों को कॉल

दाखिले के लिए लोगों को आए फोन
वहीं कुछ अभिभावकों को जनरल कैटेगरी में स्कूल के मैनेजमेंट कोटे में बच्चे का दाखिला कराने के लिए अनजान व्यक्तियों के फोन आए थे। 5 अभिभावकों ने एडमिशन नर्सरी फोरम पर इस संदर्भ में शिकायत दी, जिसमें कहा गया कि द्वारका और वेस्ट दिल्ली के कुछ स्कूलों में मैंनेजमेंट कोटे में दाखिले के लिए उन्हें फोन आया जिसमें उनसे डोनेशन की मांग की गई। फोन कॉल रिसीव करने वाले एक अभिभावक रमेश (बदला हुआ नाम) ने कहा कि अब तक उन्हें क्रेडिट कार्ड, इंश्योरेंस, इनवेस्टमेंट्स संबंधी रैंडम कॉल्स आती थीं, लेकिन अब तो स्कूल मैंनेजमेंट कोटे की खाली सीटों को बेचने के लिए दलालों का सहारा ले रहे हैं। 

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