Wednesday, May 12, 2021
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nv ramana to be countrys next cji bobde wrote a letter to government recommending prshnt

देश के अगले CJI होंगे एनवी रमना, एसए बोबडे ने सरकार को पत्र लिख की सिफारिश

  • Updated on 3/24/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे (SA Bobde) ने अगले सीजेआई (CJI) नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को एक पत्र भेजा हैं, इस पत्र में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना (NV Ramana) को अगले सीजेआई के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। सीजेआई एसए बोबडे 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

उन्होंने अपनी सिफारिश सरकार के पास भेजी है और इसकी एक प्रति न्यायमूर्ति रमणा को सौंपी है। नियमों के मुताबिक, मौजूदा सीजेआई अपनी सेवानिवृत्ति के एक महीने पहले, अपने उत्तराधिकारी को लेकर एक सिफारिश भेजते हैं। अगर सरकार सिफारिश मंजूर कर लेती है तो न्यायमूर्ति रमणा 24 अप्रैल को भारत के प्रधान न्यायाधीश के तौर पर पदभार संभाल सकते हैं। वह 26 अगस्त 2022 में सेवानिवृत्त होंगे।

सरकार सीजेआई बोबडे की सिफारिश को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजेगी। सीजेआई की सिफारिश के साथ ही भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले के पुन्नावरम गांव में 27 अगस्त 1957 में जन्मे न्यायाधीश रमणा ने 10 फरवरी 1983 को वकील के तौर पर करियर की शुरूआत की।

वह 27 जून 2000 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए और उन्होंने 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम किया। न्यायाधीश रमणा को दो सितंबर 2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत किया गया और 17 फरवरी 2014 को उच्चतम न्यायाधीश का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 

रंजन गोगोई ने की थी बोबडे की सिफारिश
बता दें कि इससे पहले प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सिफारिश पर उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठतम न्यायाधीश एस ए बोबडे (S A Bobde) को सीजेआई नियुक्त किया गया था। इसके बाद न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे ने देश के 47वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 

जस्टिस बोबडे इस वक्त रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई कर रही पीठ का हिस्सा हैं। इसके अलावा कई बड़े फैसलों में शामिल रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले न्यायमूर्ति गोगोई ने विधि एवं न्याय मंत्रालय को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति बोबडे को अगला प्रधान न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी।

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2013 में सुप्रीम कोर्ट में जज की कमान संभाली
महाराष्ट्र के नागपुर में 24 अप्रेल 1956 को एस.ए. बोबडे का जन्म हुआ। उनके पिता का नाम अरविंद श्रीनिवास बोबड़े है। बोबडे ने बीए (B.A) और एलएलबी (L.L.B) की डिग्री नागपुर विश्वविद्यालय से ली है। 1978 में उन्होंने बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र को ज्वाइन किया था। इसके बाद 1998 में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में लॉ की प्रैक्टिस की, और वरिष्ठ वकील बने।

बतौर एडिशनल जज पदभार लिया। इसके बाद वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने। 2013 में सुप्रीम कोर्ट में बतौर जज कमान संभाली। जस्टिस एसए बोबड़े 23 अप्रैल, 2021 को रिटायर होंगे। वहीं CJI की सिफारिश को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद 18 नवंबर को जस्टिस बोबडे बतौर चीफ जस्टिस शपथ ले सकते हैं।

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पटाखों की बिक्री पर रोक वाली पीठ में भी थे बोबड़े
एस.ए बोबड़े कई फैसलों में बेंच का हिस्सा रहें हैं सुप्रीम कोर्ट के द्वारा आधार कार्ड को लेकर दिए गए आदेश में भी वे शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी में कहा था कि आधार कार्ड के बिना कोई भी भारतीय मूल सुविधाओं से वंचित नहीं रह सकता है। इस पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस चेलमेश्वर और जस्टिस नागप्पन शामिल थे।

वहीं नवंबर, 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई थी, इस फैसले में जस्टिस एस. ए. बोबडे भी शामिल थे। ये याचिका तीन बच्चों के द्वारा दाखिल की गई थी। इस पीठ में तत्कालीन चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस. ऐ बोबडे शामिल थे।

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