Wednesday, Jul 24, 2019

ओम बिड़ला निर्विरोध चुने गए लोकसभा के नए स्पीकर, PM मोदी ने दी बधाई

  • Updated on 6/19/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकसभा अध्यक्ष (loksabha speaker) के लिए भाजपा के ओम बिड़ला को निर्विरोध चुन लिया गया है। कल ओम के नाम के प्रस्ताव के बाद YSR कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) ने भी उनका समर्थन करने का फैसला किया। आज कांग्रेस के समर्थन के साथ ही ओम बिड़ला के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने का रास्ता साफ हो गया। कोटा से भाजपा (bjp) सांसद ओम बिड़ला (om birla) बड़े अंतर  से चुनाव जीत कर दूसरी बार संसद में आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी है।

पीएम का चौंकाने वाला फैसला
लोकसभा अध्यक्ष के लिए ओम बिड़ला का चुनाव यह स्पष्ट करता है कि कम उम्र कोई पैमाना नहीं है। यह कोई जरुरी नहीं है कि कि आप सबसे वरिष्ठ नेता को ही यह पद सौपेंगे। यह मिथक इस बार टूट गया है। आत्मविश्वास से भरी भाजपा नीत सरकार लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से फैसले ले रही है है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी के फैसले अक्सर चौंकाने वाले होते है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के लिए ओम बिड़ला का चुनाव करके सबको चौंका दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विपक्ष से एक कदम आगे हमेशा रहने की उनकी रणनीति सिर्फ पार्टी ही नहीं सरकार में स्पष्ट तौर पर महसूस किया जा सकता है। 

अमित शाह ने दिया लक्ष्य, हर बूथ पर दिखे भगवा झंडा
 

ओम का राजनीतिक जीवन
4 दिसंबर 1962 को जन्मे ओम बिड़ला राजस्थान के कोटा से पहली बार 16वीं लोकसभा के लिए चुनकर आए थे। वे राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता है। इससे पहले वे तीन बार कोटा साउथ से विधानसभा सदस्य रह चुके है। सामाजिक सेवा के लिए हमेशा सक्रिय ओम असहाय लोगों की मदद करने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते है। वे विकलांग, कैंसर से पीड़ित, थैलेसिमिया रोग से पीडित लोगों की सहायता की है। ओम बिड़ला ने कोटा में "ग्रीन कोटा वन अभियान" चलाया था। जिसकी सभी ने सराहना भी की।  

संभालेंगे सुमित्रा की विरासत

ओम बिड़ला पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। इस बार लोकसभा का चुनाव सुमित्रा महाजन ने नहीं लड़ा था। हालांकि अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ओम बिड़ला लोकसभा अध्यक्ष के गरिमामयी पद को किस तरह संभालते है। क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष का पद पर सत्ता ही नहीं विपक्ष को भी साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी होती है। उनके नेतृत्व को भी परखा जाएगा। महज 57 वर्ष के कम उम्र में ही लोकसभा अध्यक्ष बनना उनके उपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कितना विश्वास रखते है यह भी दर्शाता है। 

 जेपी नड्डा बने BJP के कार्यकारी अध्यक्ष , राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे अमित शाह

इससे पहले प्रोटेम स्पीकर के लिए वीरेंद्र कुमार का चुनाव भी चौकानें वाला रहा। मध्यप्रदेश से 7 बार सांसद रह चुके लो प्रोफाइल नेता के रुप में दलित नेता वीरेंद्र कुमार ने अपनी पहचान बनाई है।     
Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.