Thursday, Feb 02, 2023
-->
on-special-days-do-not-make-these-things-in-kitchen

इन खास दिन और नक्षत्रों में किचन में ना बनाएं ये पकवान, मिलेंगे शुभ प्रभाव

  • Updated on 7/17/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। धर्म और शास्त्रों के महत्व को बताया गया है। कहा जाता है कि भोजन की कई बीमारियों की जड़ है तो भोजन से ही उनसे निजात पाया जा सकता है। अच्छा भोजन सेहत को बेहतर बनाता है तो खराब भोजन ही तबियत को बिगाड़ता है। कई शास्त्रों में किस नक्षत्र और किस दिन क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसका जिक्र किया गया है। आएये जानते हैं क्या हैं वो तिथियां जिसमें शुभ फल के लिए कुछ निश्चित भोजन ही किया जाता है: 

  • प्रथम यानी प्रतिपदा को कुम्हड़ा पेटा नहीं खाना चाहिए ये धन का नाश करता हैं। 
  • द्वितीया और त्रयोदशी को छोटा बैंगन और कटहल भोजन में शामिल ना करें। 
  • तृतीया को परवल खाना मना है।
  • चतुर्थी को मूली खाने से बचें, ये धन का नाश करता है। 
  • पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। 
  • वहीं षष्टी को नीम के पत्तों से बचना चाहिए। 
  • सप्तमी को ताड़ के फल खाने से बचना चाहिए।
  • अष्टमी के दिन नारियल ना खाएं।
  • नवमी में लौके खाने से बचें। 
  • वहीं दशमी में कलंमी से बचें।
  • एकादशी को सेम की फली खाने से बचें। 
  • द्वादशी को (पोई) पु‍तिका खाने से बचना चाहिए। 

इसके अलावा शास्त्रों में रविवार के दिन अदरक खाने की मनाही है। वहीं कार्तिक के महीने में बैंगन और मूली खाने से बचना चाहिए। वहीं खड़े होकर पानी पीने से कई नुकसान होते हैं। हमेशा बैठकर पानी पीना चाहिए। 

वहीं लड़ाई करने के बाद बनाया हुआ भोजन कभी नहीं करना चाहिए। साथ ही अगर चाहते हैं कि घर में लक्ष्मी का वास हो तो रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए। 

साथ ही अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति, चतुर्दशी और अष्टमी, श्राद्ध एवं व्रत के दिन घर की महिला को तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के बरतनों में भोजन करने से बचना चाहि। में भोजन करना निषेध है।


 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.