Monday, Dec 16, 2019
On this day India had taken revenge for 200 years of slavery from the British

आज ही के दिन भारत ने अंग्रेजों से लिया था 200 साल की गुलामी का बदला, जानिए पूरी कहानी

  • Updated on 8/12/2019

नई दिल्ली/वरूण कुमार गुप्ता। अंग्रेजों (Britain People) ने करीब 200 सालों तक भारतीयों (Indian) पर जुल्म किए और इस जुल्म का अंत भारत (India) को 1947 में मिली। इस गुलामी से आजादी (Freedom) पर देश भर में जश्न का महौल था। लेकिन आज के दिन देश को एक ऐसा तोहफा भी मिला था जो बहुत कम ही लोग जानते होंगे। जिसेन देश की आजादी के बाद भारत को खेलों में विश्व मंच पर स्थापित किया। आज ही के दिन देश के हॉकी (Hockey) खिलाड़ियों ने अंग्रेजों से 200 साल का बदला भी लिया था। 

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जब हॉकी में भारत ने अंग्रेजों से लिया था 200 सालों का बदला

15 अगस्त (15 August) 1948 में देश की आजादी की पहली सालगिरह (Independence Day) से ठीक तीन दिन पहले यानी 12 अगस्त को भारत ने लंदन (London) के एंपायर स्टेडियम (Empire Stadium) में भारत पर सालों से क्रूर राज करने वाले ब्रिटेन (Britain) को हॉकी के ओलंपिक (Olympic) फाइनल में हराकर देश को दिलाया था उसका पहला ओलंपिक गोल्ड मडल (Olympic Gold Medal)। इस जीत के साथ ही भारत अंग्रेजों से 200 सालों की गुलामी और जुल्म का बदला भी लिया। 

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पहली बार ओलंपिक में गूंजा जन गण मन...

वैसे भारत ने आजादी से पहले भी ब्रिटिश राज (British Rule) में 3 ओलंपिक गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे। लेकिन 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक गोल्ड मेडल भारत ने तिरंगे झंडे (Tricolor Flag) के नीचे नहीं बल्की ब्रिटिश झंडे के तले जीती थी 1948 ओलंपिक का मेडल भारत के लिए बहुत ही खास था। और ये पहली दफा था जब भारत ने ओलंपिक में अपना राष्ट्रीय गान (National Anthem) जन गण मन... गाया था।

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भारत ने 5 मैचों में किए थे 25 गोल

1947 में बंटवारे की वजह से हॉकी में भारत ने कई बड़े खिलाड़ी खो दिए थे। लेकिन 1948 के ओलंपिक में भारत को हॉकी के नए सितारे भी दिए। इस ऐतिहासिक टीम की कप्तानी किशन लाल (Kishan Lal) थे। भारत ने उस ओलंपिक में 5 मैच खेले और 25 गोल ठोके, जबकि सिर्फ 2 गोल खाए थे। फाइनल में भारत ने ब्रिटिश टीम को 4-0 से हराकर हिंदुस्तान को उसकी आजादी की पहली सालगिरह पर एक खूबसूरत गिफ्ट दिया था। इस मैच में बलबीर सिंह ने 2 गोल किए थे।

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71 साल बाद भी वो जीत है भारत की सबसे बड़ी जीत

इस ओलंपिक के बाद भी भारत ने हॉकी में 4 बार ओलंपिक का गोल्ड मेडल जीता लेकिन आजादी के 71 साल बाद भी ओलंपिक का वो गोल्ड मेडल भारत का सबसे खास मेडल माना जाता है। क्योंकि ये मेडल उस ब्रिटिश शासन के खिलाफ जीता गया था जिसने भारत पर क्योंकि 200 सालों तक राज किया था।

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