Wednesday, Jan 19, 2022
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नवरात्रि विशेष: अष्टमी और नवमी के दिन इस खास विधि से करें कन्या पूजन, जानें शुभ मुहूर्त

  • Updated on 10/17/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में नवरात्रि के त्यौहार का विशेष महत्व माना जाता है। इन खास 9 दिनों में हर एक दिन का अपना अलग ही महत्व है। इसमें सबसे ज्यादा अष्टमी और नवमी को मान्यता दी गई है। इन दो दिनों में कन्याओं की पूजा करके इन्हें खाना खिलाने से आदिशक्ति मां दुर्गा प्रशन्न होती हैं। हिंदू धर्म के अनुसार ऐसी मान्यता है कि कन्याओं में देवी मां की छवि देखी जाती है।

इस दो दिनों में 2 साल से लेकर 10 साल की उम्र तक की बच्चियों की पूजा को महत्व दिया जाता है। कहा गया है कि अलग-अलग उम्र की कन्याएं देवी के अलग-अलग रूप को दर्शाती हैं। इसके अलावा माना जाता है कि आप जब तक नौ कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में नहीं हैं तो आपके नवरात्रि में व्रत रखने की पूजा का फल नहीं मिलता है।

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कई लोग छोटी- छोटी बच्चियों को खाना खिलाने से ही समझ लेते है कि उनका व्रत पूरा हो गया। हालांकि ऐसा नही है इसकी एक विधि है जिसके अंतर्गत काम करने से ही आपको पूजा करने और व्रत रखने का पूरा फल मिलता है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि पूजा की सही विधि क्या है।

आपको एक दिन पहले विधिवत तरीके से 9 कन्याओं को भोज के लिए आमंत्रित करना चाहिए। इसके साथ एक बालक भी होना चाहिए क्योंकि इसे हनुमान जी का रुप माना जाता है। इधर उधर से यो घूमते में कन्याओं को पकड़कर लाने से आपको इसका सही लाभ नहीं मिलता और यह सही भी नहीं है। जब कन्याएं घर में प्रवेश करें तो आपको पूरे परिवार सहित फूलों की वर्षा करके स्वागत करना चाहिए। इसके साथ ही मां दुर्गा के नवनामों के जयकारे लगाने चाहिए।

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इसके बाद कन्याओं को साफ जगह पर आरामदायक जगह में बिठाकर सभी के पैरों को दूध से भरे थाल या थाली में रखकर अपने हाथों से उनके पैर धोने चाहिए और पैर छूकर आशीष लेना चाहिए। इसके बाद उनके माथे पर रोली या कुमकुम ले तिलक लगाना चाहिए। फिर इन कन्याओं को पूरी श्रृद्दा के साथ उनकी इच्छा के अनुसार भोजन करवाना चाहिए। इसके बाद आप दुर्गा स्वरुप इन कन्याओं को पने सामर्थ्‍य के अनुसार दक्षिणा, उपहार दें और उनके पुनः पैर छूकर आशीष लें। 

आपको हम बताते हैं कि अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?

अष्टमी के दिन पहला मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 28 मिनट से 9 बजकर 20 मिनट तक और दूसरा सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक नियत किया गया है। इसके अलावा नवमी के दिन पहला मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 29 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट तक औऱ दूसरा मुहूर्त-सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 3 बजकर 3 मिनट तक शुभ माना गया है। 

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