Wednesday, Nov 25, 2020

Live Updates: Unlock 6- Day 24

Last Updated: Tue Nov 24 2020 09:19 PM

corona virus

Total Cases

9,200,407

Recovered

8,624,747

Deaths

134,477

  • INDIA9,200,407
  • MAHARASTRA1,784,361
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA871,342
  • TAMIL NADU768,340
  • KERALA557,442
  • NEW DELHI534,317
  • UTTAR PRADESH528,833
  • WEST BENGAL526,780
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA315,271
  • TELANGANA263,526
  • RAJASTHAN240,676
  • BIHAR230,247
  • CHHATTISGARH221,688
  • HARYANA215,021
  • ASSAM211,427
  • GUJARAT194,402
  • MADHYA PRADESH188,018
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB145,667
  • JHARKHAND104,940
  • JAMMU & KASHMIR104,715
  • UTTARAKHAND70,790
  • GOA45,389
  • PUDUCHERRY36,000
  • HIMACHAL PRADESH33,700
  • TRIPURA32,412
  • MANIPUR23,018
  • MEGHALAYA11,269
  • NAGALAND10,674
  • LADAKH7,866
  • SIKKIM4,691
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,631
  • MIZORAM3,647
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,312
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
online-education-affect-children-health-revealed-in-survey-kmbsnt

ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों के स्वास्थ्य को हो रहा ये नुकसान, सर्वे में खुलासा

  • Updated on 10/28/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना (Coronavirus) काल में एक ओर जहां सभी  को अपने रहने और काम करने की तरीकों में बदलाव करना पड़ रहा है तो वहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी इस संकट का बहुत गहरा असर पड़ा है। बच्चों के हाथों में अब कॉपी किताब से अधिक फोन, आईपैड या कंप्यूटर होता है। सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) बनाए रखने के लिए बच्चे अब ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण (Online Education) करने को मजबूर हैं।

ऐसे में कोरोना काल से पहले जहां अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें फोन और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से दूर रखने का प्रयास करते थे, वही अब उनको ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इनके प्रयोग को बढ़ावा देने पर मजबूर है। 

अब चेहरा दिखाने से ही डाउनलोड हो जाएगा 10वीं-12वीं का सर्टिफिकेट, जानें कैसे....

बच्चों के देखने और सुनने की क्षमता प्रभावित
एक सर्वे में खुलासा किया गया है कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चों के देखने और सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है। बच्चों को मोबाइल एडिक्शन हो रहा है। वो अब अकेले रहना अधिक पसंद कर रहे हैं। बच्चों का रुझान अब सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स की ओर अधिक हो गया है। 

NEP लागू होने के बाद बंद होनी चाहिए 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं- सिसोदिया

82 प्रतिशत अभिभावक नहीं जानते बच्चे फोन पर क्या करते हैं
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोगीनंद में साइंस कांग्रेस के लिए एक सर्वे हुआ। इसमें 120 अभिभावकों से बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से हो रहे लाभ और हानि के बारे में पूछा गया। जिसमें कई विद्यार्थियों की आंखों में जलन, सिर दर्द, नींद न आने की शिकायते हुईं। कई बच्चों को भूख लगना ही कम हो गई। वहीं हैरानी की बात ये है कि 82 प्रतिशत अभिभावक ये तक नहीं जानते की उनके बच्चे मोबइल पर करते क्या हैं। 

दिल्ली: 8 महीने बाद 2 नवंबर से खुलेगा JNU, जानें किन छात्रों को होगी आने की अनुमति

टाइम मैनेजमेंट जरूरी
कोरोना काल में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जरूरी हो गई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि माता पिता को अपने बच्चों के टाइम टेबल को सेट करना होगा। पढ़ाई के बाद का समय वो फोन पर न बिताकर अन्य क्रिएटिव काम करने और खेलने में बिताएं इस बात का ध्यान रखना होगा। बच्चे मोबाइल में देख क्या रहे हैं इस बात की भी पूरी जानकारी उन्हें रखनी होगी। ताकि उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित किया जा सके। 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें-

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.