Tuesday, Nov 29, 2022
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osteoporosis is catching the youth, read measures to avoid

युवाओं को गिरफ्त में ले रहा है ऑस्टियोपोरोसिस, पढ़ें बचने के उपाय

  • Updated on 10/20/2022

नई दिल्ली/ अंकुर शुक्ला। जहां पहले सिर्फ बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों में कमजोरी आती थी, आजकल कम उम्र में भी हड्डियों का कमजोर होना आम हो गया है और जब ये कमजोरी अत्यधिक हो जाती है और नौबत ये आ जाती है कि हड्डियां आसानी से टूटने लगे या फ्रैक्चर हो जाएं तो उस स्थिति को ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं।

निगम आयुर्वेदिक पंचकर्म अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी पाराशर के मुताबिक, आयुर्वेद में रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र ये सात  धातुएं मानी गई हैं और क्रमश: धातु से अगली धातु बनती है। इस आयुर्वेदिक सिद्धांत से यह समझा जा सकता है कि हमारा आहार यदि संतुलित नहीं होगा तो हमारे शरीर में धातुएं भली-भांति नहीं बनेंगी।

परिणामस्वरूप हमारी हड्डियों के बोन मास पर असर पड़ने लगता है और हड्डियों के बोन मास में कमी आने की वजह से हड्डियों में कमजोरी आने लगती है और व्यक्ति ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में हड्डियां बेहद कमजोर हो जाती हैं जिसकी वजह से हल्के से झटके या खिंचाव से भी फ्रैक्चर की संभावना बढ़ जाती है।

लक्षणः शुरुआत में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण सामने नहीं आते हैं लेकिन जब हड्डियों को काफी नुकसान हो चुका होता है। पीठ, हाथों और पैरों में दर्द होना, शरीर का झुका हुआ लगना, बिना कारण के लगातार कमजोरी महसूस होना और आसानी से थक जाना, आदि तो ओस्टियोपोरोसिस के प्रमुख लक्षण हैं।

कारणः बढ़ती उम्र ऑस्टियोपोरोसिस का प्रमुख कारण है। आमतौर पर हमारे शरीर में हड्डियों के बनने और टूटने की प्रक्रिया चलती रहती है। उम्र बढऩे के साथ हड्डियों का टूटना तो चलता रहता है लेकिन बनने की प्रक्रिया रुक जाती है जिससे हड्डियां नाजुक हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है.

मेनोपॉजः मेनोपॉज आमतौर पर 40-50 की उम्र में महिलाओं को होता है। इस स्थिति में महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं और शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा कम होती चली जाती है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। वहीं पुरुषों की बात करें तो इस उम्र में उनके शरीर में भी टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है जिससे ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति बनने लगती है।  हालांकि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में ये प्रक्रिया धीरे होती है।

हाइपोथायरायडिज्मः विटामिन डी और कैल्शियम की कमी, आनुवंशिक प्रवृतियां, सूर्य के प्रकाश का शरीर पर ना पडऩा, प्रदूषण आदि ओस्टियोपोरोसिस के प्रमुख कारणों में से हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए क्या करना चाहिए 
डेयरी उत्पादः
 दूध से बने हुए प्रोडक्ट्स को कैल्शियम का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करने में अहम रोल निभाता है। इसलिए खाने में दूध, पनीर, दही, छाछ, आदि डेयरी उत्पाद अवश्य सम्मिलित करें। 

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