Sunday, Feb 23, 2020
ownership of property starts getting in unauthorized colonies of delhi

दिल्ली : कच्ची कॉलोनियों का मालिकाना हक मिलना शुरु, पहले चरण में 20 लाभार्थियों को मिला दस्तावेज

  • Updated on 1/3/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने शुक्रवार को दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों (Unauthorized Colonies) में संपत्ति के मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संपत्ति के मालिकाना हक का प्रमाणपत्र और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने वाले 20 लोगों को रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंप कर इसकी शुरुआत की।

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20 लाभार्थियों को सौंपे दस्तावेज
पुरी ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) और डीडीए (DDA) के उपाध्यक्ष तरुण कपूर की मौजूदगी में पहले 20 लाभार्थियों को संपत्ति के दस्तावेज सौंपे। संपत्ति का पहला पंजीकरण प्रमाणपत्र समयपुर बादली स्थित सूरज पार्क कालोनी की पिंकी शर्मा को दिया गया। पुरी ने बताया कि पहले 20 लाभार्थी सूरज पार्क और राजा विहार कॉलोनी के हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने 18 दिसंबर को संपत्ति के मालिकाना हक के लिए आवेदन किया था। इसके लिए 16 दिसंबर को आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गयी थी।

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57 हजार आवेदन आए
पुरी ने बताया कि अब तक 57 हजार आवेदन आ चुके हैं। जैसे जैसे आवेदकों के दस्तावेज़ों की जांच और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती जाएगी, वैसे वैसे मालिकाना हक और पंजीकरण प्रमाणपत्र लाभार्थियों को मिलते जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीडीए (DDA) ने अनधिकृत कलोनियों के भू उपयोग में परिवर्तन किया है इसलिए मालिकाना हक का प्रमाणपत्र डीडीए द्वारा दिया जा रहा है और पंजीकरण शुल्क (registration fee) दिल्ली सरकार (Delhi Government) के राजस्व विभाग को अदा किया जाएगा।

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विशेष विकास कोष बनाया गया
उन्होंने कहा कि शुल्क के एवज में मिलने वाली राशि से ‘विशेष विकास कोष’ बनाया गया है। इससे इन कालोनियों में विकास कार्य होंगे। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय ने संसद (Parliament) द्वारा अलग से पारित कानून के माध्यम से पीएम उदय योजना के तहत 1731 कालोनियां नियमित की हैं।

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