Sunday, Jan 23, 2022
-->
oxygen-plants-to-produce-3-thousand-liters-of-oxygen-in-a-minute-will-be-set-up-in-delhi-kmbsnt

दिल्ली: एक मिनट में 3 हजार लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले प्लांट लगेंगे

  • Updated on 9/1/2021

नई दिल्ली/ताहिर सिद्दीकी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी है। ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट और ऑक्सीजन स्टोरेज डिपो तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। उत्तरी दिल्ली के सिरसपुर में प्रति मिनट 3-3 हजार लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले 2 संयंत्र तैयार किए जा रहे हैं। रोजाना यहां 400 से अधिक बड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा सकेगी। ये दोनों संयंत्र एक महीने के अंदर काम करना शुरू कर देंगे। ये प्लांट प्रतिदिन 16 घंटे चलाए जा सकते हैं।

सिरसपुर में आक्सीजन प्लांट लगाने के काम पर बेंगलुरु की कंपनी काम कर रही है। यह अब तक का सबसे बड़ा प्लांट है जो दिल्ली सरकार लगा रही है। इसके लिए बिजली की खपत काफी अधिक हाेगी। जिसके लिए बिजली का सब स्टेशन तैयार किया जाना है। पहले इसे उत्तरी दिल्ली में बिजली वितरण की जिम्मेदारी संभाल रही टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) को लगाना था। मगर बाद में कंपनी ने यह कार्य करने में असमर्थता जतायी, जिस पर अब लोक निर्माण विभाग इस सब स्टेशन को लगाने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि एक माह के अंदर सब स्टेशन तैयार कर लिया जाएगा।

आज से नहीं खुलेगा डीयू

ऑक्सीजन स्टोरेज और उत्पादन की सुविधा बढ़ा रही सरकार
सरकार पूरी दिल्ली के अंदर ऑक्सीजन स्टोरेज और ऑक्सीजन उत्पादन की सुविधा बढ़ा रही है। कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा दिक्कत ऑक्सीजन की हुई थी। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी और ऑक्सीजन की कमी की वजह से कुछ दिनों तक दिल्ली के लोगों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऐसे में अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो अब दिल्ली के लोगों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होनी चाहिए। अगर तीसरी लहर आती है, तो सरकार भी अपनी तैयारियां पुख्ता तरीके से कर रही है।

सिरसपुर में 57 मीट्रिक टन ऑक्सीजन क्षमता का स्टोरेज टैंक
वहीं, सिरसपुर में 57 मीट्रिक टन ऑक्सीजन क्षमता का स्टोरेज टैंक भी बनाया गया है। इसी तरह  बाबा साहब डाॅ. अंबेडकर अस्पताल, डीडीयू अस्पताल और द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में भी स्टोरेज टैंक बनाए गए हैं। पांच ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक बनाए जा चुके हैं। अब तक 200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन क्षमता से ज्यादा के स्टोरेज टैंक बन चुके हैं। इसके अलावा तीन और बनाए जाएंगे।  इसी तरह दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ऑक्सीजन की सुविधा तैयार की जा रही है, ताकि अगर तीसरी लहर आती है, तो लोगों को ऑक्सीजन की कमी नहीं झेलनी पड़ी।

देश में कोरोना रोधी टीके की एक करोड़ खुराक लगाई गई

कोरोना मरीज को ऑक्सीजन की कितनी जरूरत? 
आईसीयू बेड पर कोरोना मरीज को एक मिनट में 40 से लेकर 50 लीटर तक ऑक्सीजन चाहिए होती है। जबकि वेंटिलेट वाले कोरोना मरीज को प्रति मिनट 90 से 120 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। ऑक्सीजन बेड पर कोरोना मरीज को एक मिनट में करीब 10 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जबकि सामान्य व्यक्ति प्रति मिनट करीब 5 लीटर ऑक्सीजन लेता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.