Saturday, Jul 31, 2021
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रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाने पर बोले चिदंबरम- 'फुस्स' हुआ धमाका

  • Updated on 8/9/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के तहत सरकार ने 101 से ज्यादा उपकरणों के आयात पर बैन लगाने का ऐलान किया है। इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने राजनाथ सिंह पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध की जो घोषणा की है, वह केवल 'शब्दजाल' है, क्योंकि उनका एकमात्र आयातक रक्षा मंत्रालय है।

उम्मीद के विपरीत रही घोषणा
चिदंबरम ने ट्वीट किया कि रक्षा मंत्री ने रविवार सुबह 'धमाका करने' का वादा किया था, लेकिन उनकी घोषणा उम्मीद के विपरीत रही। उन्होंने कहा, 'रक्षा उपकरणों का एकमात्र आयातक रक्षा मंत्रालय है। आयात पर कोई भी प्रतिबंध वास्तव में स्वयं पर प्रतिबंध है।'

आयात पर प्रतिबंध केवल शब्दजाल
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री ने 'रविवार को अपनी ऐतिहासिक घोषणा' में जो कहा, उसके लिए उनके सचिवों को केवल मंत्री के कार्यालय आदेश की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, 'आयात पर प्रतिबंध केवल शब्दजाल है। इसका अर्थ यह है कि हम दो से चार साल में उन्हीं उपकरणों (जिन्हें हम आज आयात करते हैं) को बनाने की कोशिश करेंगे और इसके बाद आयात बंद करेंगे।'

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रक्षा से जुड़े 101 उपकरणों के आयात पर लगी रोक
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को घोषणा की कि 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत देश में रक्षा वस्तुओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए 101 उपकरणों के आयात पर रोक लगाई जाएगी। सिंह ने ट्वीट किया कि रक्षा मंत्रालय 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को आगे बढ़ाने के लिए अब बड़े कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार देश में रक्षा संबंधी निर्माण बढ़ाने के लिए 101 उपकरणों के आयात पर रोक लगाएगी और इस फैसले से भारतीय रक्षा उद्योग को बड़े अवसर मिलेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया बड़ा ऐलान, 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक

इन रक्षा उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक
इन उपकरणों में हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर, मालवाहक विमान, पारंपरिक पनडुब्बियां और क्रूज मिसाइल शामिल हैं। सिंह ने ट्विटर पर इसकी घोषणा करते हुए अनुमान लगाया कि इन निर्णय से अगले पांच से सात साल में घरेलू रक्षा उद्योग को करीब चार लाख करोड़ रुपये के ठेके मिलेंगे।

घरेलू रक्षा विनिर्माण को तेज करने की पहल
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' आह्वान को आगे बढ़ाते हुए घरेलू रक्षा विनिर्माण को तेज करने के लिए अब बड़े कदम उठाने को तैयार है। अधिकारियों के अनुसार, 101 वस्तुओं की सूची में टोएड आर्टिलरी बंदूकें, कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें, अपतटीय गश्ती जहाज, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत, फ्लोटिंग डॉक, पनडुब्बी रोधी रॉकेट लांचर और कम दूरी के समुद्री टोही विमान शामिल हैं।

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हाईटेक हथियार से लेकर बख्तरबंद लड़ाकू वाहन तक शामिल
सूची में बुनियादी प्रशिक्षण विमान, हल्के रॉकेट लांचर, मल्टी बैरल रॉकेट लांचर, मिसाइल डेस्ट्रॉयर, जहाजों के लिए सोनार प्रणाली, रॉकेट, दृश्यता की सीमा से परे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें अस्त्र-एमके 1, हल्के मशीन गन व आर्टिलरी गोला बारूद (155 एमएम) और जहाजों पर लगने वाली मध्यम श्रेणी की बंदूकें भी शामिल हैं। सिंह की घोषणा रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद नीति के मसौदे के एक सप्ताह के बाद सामने आई है। मसौदे में रक्षा मंत्रालय ने 2025 तक रक्षा विनिर्माण में 1.75 लाख करोड़ रुपए (25 अरब डॉलर) के कारोबार का अनुमान लगाया है। भारत शीर्ष वैश्विक रक्षा कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक बाजारों में से एक है। 

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