Sunday, Jun 13, 2021
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राज्यसभा में बजट चर्चा पर बोले चिदंबरम- मांग को पैदा करने में विफल रही सरकार

  • Updated on 2/11/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में कहा कि सरकार देश के विकास के लिए मांग पैदा करने में विफल रही है और 'अकुशल आर्थिक कुप्रबंधन' के कारण सकल घरेलू उत्पाद (GDP) तीन साल पहले के स्तर पर पहुंच जाएगा। उन्होंने उच्च सदन में आम बजट (Union Budget) पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि 2021-22 का बजट विफल रहा है क्योंकि गरीब को नकदी अंतरण के तहत छोटी राशि भी नहीं दी गई और राशन प्रदान करने की सुविधा को भी जारी नहीं रखा गया।

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चिदंबरम ने कहा ये
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, 'विश्व के प्रत्येक अर्थशास्त्री ने कहा कि हमें मांग पैदा करनी होगी और मांग पैदा करने का श्रेष्ठ तरीका है कि लोगों के हाथों में पैसा दिया जाए। यह सरकार इसे लेकर विफल रही है। मैं अपना आरोप दोहरा रहा हूं। आप पिछले 36 माह के दौरान मिले सबक अभी तक नहीं सीख पाए हैं। मुझे भय है कि आपके द्वारा सबक नहीं सीखे जाने के कारण 12 महीने और व्यर्थ हो जाएंगे और गरीब परेशानी झेलेगा और बुरी तरह झेलेगा।'

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सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि 2004-05 में स्थिर मूल्यों पर जीडीपी करीब 32.42 लाख करोड़ रुपए थी जो संप्रग सरकार के सत्ता से हटने के समय तीन गुना से अधिक बढ़कर 105 लाख करोड़ रुपए हो गई। चिदंबरम ने कहा, 'उसके बाद से क्या हुआ? 2017-18 में यह 131 लाख करोड़ रुपए थी। 2018-19 में यह 139 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गयी। 2019-20 में यह थोड़ा और बढ़कर 145 लाख करोड़ रुपए हो गई। 2020-21 में, जो वर्ष समाप्त होने वाला है, पहली छमाही के दौरान यह 60 लाख करोड़ रुपए के करीब रही और वर्षांत तक यह करीब 130 लाख करोड़ रुपए पहुंचेगी। इसका मतलब है कि हम वापस वहीं आ गए जहां हम 2017-18 में थे।'

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तीन साल में हुआ ये नुकसान
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने तीन साल में 'अकुशल आर्थिक कुप्रबंधन' किया है। चिदंबरम ने कहा, 'माननीय वित्त मंत्री को मेरे द्वारा अकुशल शब्द का प्रयोग करने पर आपत्ति हुई। मैं संसद में कठोर शब्द का उपयोग नहीं कर सकता। मेरे पास जो उपलब्ध है, उसमें मैं सबसे मृदु शब्द का उपयोग कर रहा हूं। अकुशल आर्थिक कुप्रबंधन के तीन वर्षों के कारण का अर्थ है कि 2020-21 में हम ठीक वहीं पहुंच गये जहां हम 2017-18 में थे।'

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