Sunday, Sep 19, 2021
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p chidambaram said nirmala sitharaman is spreading lies in the name of budget pragnt

पी चिदंबरम का वित्त मंत्री पर हमला, बोले -बजट के नाम से झूठ फैला रही हैं सीतारमण

  • Updated on 2/13/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट (Union Budget) पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे देश को 'आत्मनिर्भर' बनाने की भूमिका रखने वाला बजट कहा है। अब इस पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्मला सीतारमण बजट के माध्यम से झूठी कहानी फैला रही हैं।

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पी चिदंबरम का वित्त मंत्री पर निशाना
चिदंबरम ने कहा, '2018-19 में, बैंकों ने 2.38 लाख करोड़ रूपये के गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) को बट्टे खाते में डाला, जो कि ज्यादातर कॉर्पोरेटस द्वारा लोन डिफॉल्ट किए गए हैं। 2019-20 में, सरकार ने कॉर्पोरेट्स को लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये की कर रियायतें दीं।' उन्होंने कहा, 'पिछले 36 महीनों में पीड़ित लोगों के अन्य योग्य वर्गों के होने के बावजूद भी कॉर्पोरेट क्षेत्र को अधिक क्यों दें?' 

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पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, 'सबसे ज्यादा नुकसान किसका हुआ? कॉरपोरेट्स नहीं, बल्कि एमएसएमई, स्वरोजगार करने वाले, नौकरी गंवाने वाले, नौकरी चाहने वाले, किराएदार किसान, भूमिहीन श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर और प्रवासी कामगार। इन वर्गों के लिए बजट में क्या पेश किया गया है?'

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उन्होंने आगे कहा, 'कौन झूठी कहानी फैला रहा है? बजट के माध्यम से वित्त मंत्री झूठी कहानी फैला रही हैं कि अर्थव्यवस्था के साथ सब ठीक है। हम अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर पेश कर रहे हैं - नौकरियों और आय का नुकसान, बढ़ती बेरोजगारी, परिवारों की बढ़ता कर्ज का बोझ और बढ़ती असमानता।'

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कोरोना की चुनौती को किया पार
वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ दूसरे देशों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप अब भी है, लेकिन यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से काम हुआ और स्थिति से जिस तरह से निपटा गया है उसका नतीजा है कि अर्थव्यवस्था सतत रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महामारी की चुनौतीपूर्ण स्थिति भी सरकार को देश के दीर्घकालीन विकास के लिए सुधार के कदम उठाने से नहीं डिगा सकी।

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कांग्रेस पर साधा निशाना
उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पर नाम लिये बिना निशाना साधा और कहा कि आजादी के बाद से सत्ता में रहने वाली पार्टी को 1991 में आर्थिक सुधारों की बात सूझी और इस सरकार से और प्रधानमंत्री से बार-बार आर्थिक सुधारों को लेकर सवाल पूछे जाते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी सदन में उपस्थित थे। सीतारमण ने कहा कि जनसंघ के दिनों से लेकर आज तक भाजपा की आर्थिक नीतियां एकरूप रही हैं और सरकार ने भारतीय उद्यमियों, व्यापारियों, युवाओं आदि के कौशल को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी नीत राजग सरकार ने करदाताओं, उद्यमियों और ईमानदार नागरिकों का सम्मान करते हुए इन नीतियों का पालन किया है।

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राज्य सरकार से नहीं आई किसानों की सूची 
उन्होंने कहा कि हमारा आकलन है कि पश्चिम बंगाल के 65 लाख किसानों को इस योजना का पैसा नहीं दिया जा सका क्योंकि राज्य सरकार की ओर से इन किसानों की सूची नहीं आई, इसलिए हम बजट आवंटन का पूरा उपयोग नहीं कर सके। सीतारमण ने कहा कि किसान सम्मान निधि में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है। उन्होंने कहा, 'किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने से कुछ नहीं होगा।' उन्होंने बजट पर चर्चा में भाग लेने वाले सभी दलों के 77 सदस्यों का धन्यवाद किया।

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