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padma awards are given to grassroots people know how the winners are elected

जमीनी लोगों को दी जाती है पद्म पुरस्कार, जानें कैसे चुने जाते हैं विजेता

  • Updated on 1/27/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) ने देश के विभिन्न हिस्सों और समाज के अलग-अलग तबकों के ऐसे लोगों को सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कारों के लिए चुना है, जिनका व्यक्तित्व प्रेरक रहा है। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि कई दशकों में पहली बार पूर्वी भारत (India) पहले नंबर पर रहा और उसके बाद दक्षिण का स्थान रहा। लंबे समय से चला आ रहा दिल्ली और मुंबई के संभ्रांत तबकों का प्रभुत्व भी इस बार टूटा।

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पद्म पुरस्कार तीन श्रेणी 

पद्म विभूषण 
- पद्म भूषण और
- पद्म श्री

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर किया जाता है ऐलान
इन पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस (Republic Day) की पूर्व संध्या पर की जाती है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में कई प्रेरक लोगों की पहचान की गई है और उनका चयन देश के सभी हिस्सों, समाज के विभिन्न तबकों और हर क्षेत्र से किया गया है। पिछले पांच वर्षों में नि:स्वार्थ सेवा को भी पहचान मिली है।

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पुरस्कार विजेताओं के संघर्ष, प्रतिबद्धता, दृढ़ता और सेवा की कहानियां नए भारत (India) की कहानी बताती हैं और वे भारत के सच्चे नायक हैं जो पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं। 2014 के बाद से हर वर्ष विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का चयन किया गया है जिनमें अलग-अलग राज्यों के किसानों व जैविक किसानों का ऐतिहासिक चयन किया गया है। इसके अलावा बागवानी करने वाले, पुराने बीजों का संरक्षण करने वाले तथा आधुनिक तकनीक अपनाने वाले प्रगतिशील लोगों का भी चयन किया गया है।

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जमीनी लोगों को दी जाती है पद्म पुरस्कार
अधिकारी ने बताया कि अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS) और दिल्ली (Delhi) से आगे डॉक्टरों के साथ ही विभिन्न भाषाओं - संथाली, ओडिया, भोजपुरी (Bhojpuri), डोगरी, असमिया, कश्मीरी (Kashmiri), कन्नड़, तमिल, मराठी, उर्दू, संस्कृत, अंग्रेजी के कई लेखकों को भी चुना गया है। मराठी और दलित रंगमंच से लेकर हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत (Karnataka Music), लोक संगीत से लेकर फिल्मी और भक्ति, मधुबनी से लेकर रोगन और कश्मीरी शैलियों के कलाकारों को भी चुना गया है। पद्म पुरस्कार ऐसे लोगों को दिए जाते हैं जो किसी लाभ की उम्मीद के बिना चुपचाप जमीनी स्तर पर समाज की सेवा करते हैं। 

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