Friday, Apr 19, 2019

पाकिस्तान: हिन्दू नाबालिग लड़कियों ने अदालत से लगाई संरक्षण की गुहार

  • Updated on 3/25/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पाकिस्तान में दो नाबालिग हिन्दू लड़कियों की शादी कराने में कथित मदद करने के आरोप में एक मौलवी को गिरफ्तार किया गया है। इन किशोरियों ने पंजाब प्रांत की अदालत का रूखकर संरक्षण देने का अनुरोध भी किया। खबरों के अनुसार, इन लड़कियों को अगवा करके जबरन इस्लाम में धर्मांतरित कराया गया है।

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होली के मौके पर सिंध प्रांत के घोटकी जिले से रवीना (13) और रीना (15) को ‘प्रभावशाली’ लोगों ने कथित रूप से अगवा कर लिया था। उनके अपहरण के कुछ वक्त बाद ही, एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक मौलवी कथित रूप से दोनों का निकाह (शादी) करा रहा था।

इससे देश भर में गुस्से का माहौल पैदा हो गया। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, नाबालिग लड़कियों ने पंजाब के बहावलपुर की एक अदालत का रूख कर संरक्षण देने का अनुरोध किया है। खबर में कहा गया है, पुलिस ने खानपुर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर शक है कि उसने लड़कियों का निकाह कराने में मदद की है।

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बहरहाल, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि गिरफ्तार शख्स ही शादी कराने वाला मौलवी है या नहीं।  इससे पहले खबरें थी कि लड़कियों की शादी कराने वाले मौलवी को सिंध के खानपुर से गिरफ्तार किया गया है। 

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रतिष्ठित हिन्दू सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने कहा कि वह कौमी (नेशनल) असेंबली के अगले सत्र में जबरन धर्मांतरण को खत्म करने की मांग करने वाला एक प्रस्ताव पेश करेंगे।  साथ ही उन्होंने कहा कि जबरन धर्मांतरण की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर संसद के सभी सदस्यों को सर्वसम्मति निंदा करनी चाहिए।        

उन्होंने बताया कि मसौदा प्रस्ताव के अनुसार, सिंध असेंबली ने 2016 में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया था, लेकिन चरमपंथी तत्वों के दबाव की वजह से इसे पलट दिया गया था। इस विधेयक को फिर से पेश किया जाना चाहिए और प्राथमिकता के आधार पर असेंबली में पारित करना चाहिए।

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दो नाबालिग हिन्दू लड़कियों के कथित अपहरण, जबरन धर्मांतरण और शादी को लेकर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के सूचना मंत्री फव्वाद चौधरी के बीच शाब्दिक युद्ध छिड़ गया था। स्वराज ने इस बाबत पाकिस्तान में भारतीय दूत से विवरण मांगा था जिसके बाद यह शाब्दिक युद्ध छिड़ा।       

स्वराज ने एक मीडिया रिपोर्ट टैग करते हुए ट्वीट किया कि उन्होंने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त से मामले पर रिपोर्ट भेजने को कहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री चौधरी ने उनके ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि यह उनके मुल्क का अंदरूनी मामला है। भरोसा रखिये ये मोदी का भारत नहीं है जहां अल्पसंख्यकों को नियंत्रण में रखा गया है। यह इमरान खान का ‘नया पाक’ है जहां हमारे झंडे का सफेद रंग हम सबको समान रूप से प्यारा है।

चौधरी ने रविवार को उर्दू में किये गए ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री ने सिंध के मुख्यमंत्री से उन खबरों की जांच करने को कहा है जिनमें दावा किया गया है कि लड़कियों को पंजाब के रहीम यार खान ले जाया गया है। इस घटना के बाद पाकिस्तान के हिन्दू समुदाय ने व्यापक प्रदर्शन किए और कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।     

 

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