Monday, Nov 18, 2019
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करतारपुर ऑफिशियल गाने में दिखा भिंडरावाले का पोस्टर, जिस पर मचा देश में बवाल, जानें कौन है भिंडरावाल

  • Updated on 11/7/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पाकिस्तान (Pakistan) स्थित करतारपुर साहिब  (Kartarpur Sahib) पर गुरु नानक देव (Guru Nanak dev) के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 9 नवंबर के दिन कॉरिडोर का उद्धाटन होना है। पाक सरकार ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर एक ऑफिशियल गाना (Official Song) लॉन्च किया है। वीडियो में खालिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता जनरैल सिंह भिंडरांवाला (Jarnail Singh Bhindranwale), जैसे अन्य खालिस्तान समर्थक नेताओं को दिखाया गया है। नेताओं के पोस्टर में आने के बाद से ये विषय चर्चा में आ गया है। इस पर देश के कई दिग्गज नेताओं ने आपत्ति जताई है।

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कौन है जनरैल सिंह भिंडरावाला.?
जनरैल सिंह भिंडरावाला पंजाब में सिखों के धार्मिक समूह दमदमी टकसाल का प्रमुख नेता था। भिंडरावाला ने आनंदपुर साहिब (Anandpur Sahib) के प्रस्ताव का समर्थन किया था। इसने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 पर सवाल खड़े कर उसकी भरसक निंदा की थी। इन्होंने सिखों को हिंदू धर्म का हिस्सा मानने का विरोध किया था। 

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ऑप्रेशन ब्लू स्टार  में मारा गया भिंडरावाला
बता दें कि साल 1982 में भिंडरवाला और अकाली दल ने मिलकर 'धर्म युद्ध मोर्चा' की स्थापना की। ये पंजाब को भारत से अलग कर एक नया देश बनाना चाहता था। इसके मंसूबे हिन्दू और सिखों के बीच दरार पैदा करना था। इसने अन्य अलगाववादी नेताओं के साथ स्वर्ण मंदिर में हथियारों का जाखीरा इकट्ठा किया था। भारतीय सेना ने अलगाववादियों से मंदिर को मुक्त कराने के लिए ऑप्रेशन ब्लू स्टार चलाया, जिसमें हुई मुठभेड़ के दौरान ये और इसके साथी मारे गए। इसमें हुई गोलाबारी में मंदिर को काफी नुकसान हुआ था। 

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मंदिर को हुआ था काफी नुकसान 
मुठभेड़ के दौरान काफी खून-खराबा हुआ था। सेना और मंदिर में छिपे अलगाववादी नेताओ की तरफ से काफी गोलियां चलाई गईं। इस खून-खराबे से सिखों की भवनाएं बहुत आहत हुईं। भारत में इस तरह का ये पहला मामला था। स्वर्ण मंदिर में कभी पाठ नहीं रुकता है, लेकिन इस दौरान ऐसा पहली बार हुआ कि मंदिर में होने वाला पाठ छह, सात और आठ जून के दिन नहीं हो पाया था। इसका एकमात्र कारण ये संघर्ष ही था। इसके दौरान सिख पुस्कालय भी जलकर राख हो गया था। 
 

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