Monday, Mar 01, 2021
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हंगामे की बलि चढ़ रही राज्यसभा,15 दिनों में पांच घंटे ही हुआ काम- पढ़ें पूरा ब्यौरा

  • Updated on 3/24/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। संसद में चलने वाली कार्यवाही देश के लिए काफी अहम होती है और जब बात बजट की हो तो ये और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। लेकिन बिते 15 दिनों से हमारे देश की संसद में कार्यवाही कम हंगामा ज्यादा हो रहा है। बजट सत्र का दूसरा हिस्सा लगातार हंगामों से भरा हुआ है। 15 दिनों में मात्र 310 मिनट ही कार्यवाही चली। हालांकि इसे कम से कम 5400 मिनट तक चलना चाहिए था। इतना काफी नहीं था कि इन 15 दिनों में 27 बार संसद की कार्यवाही को स्थगित की गया है। 

स्पीकर वेंकैया नायडू ने कई बार चेतावनी दी लेकिन सांसदों ने  उनकी एक नहीं सुनी और हंगामा लगातार जारी है।  देखा जाए तो पिछले पांच दिनों में सदन की कार्यवादी मात्र 5 घंटे 10 मिनट चली है जबकि एक दिन में ही राज्यसभा में 5 से 6 घंटे तक चलता है। इस बजट सत्र में अबतक बस ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 ही पारित हुआ है। 

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इन अहम विधयकों पर होनी है चर्चा 

सदन में इस बजट सत्र में कई विधेयको पर चर्चा होनी है। जिसमें भ्रष्ट3चार निवारण संशोधन विधेयक 2013, मोटर यान विधेयक इसके अलावा स्टेट बैंक जैसे अहम विधेयक शामिल हैं। साथ ही कई मंत्रालयो के काम काज पर भी चर्चा होनी है। पेय जल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, खाद्य मंत्रालय जैसे कई अहम विभागों के काम काज पर चर्चा होनी थी। 

एक दिन ही हो पाई  थी एख घंटे तक चर्चा 

8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन ही बस एक घंटे तक चर्चा हुई थी। लेकिन उस दिन भी 2 बजे के बाद संसद में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही का स्थगित करना पड़ा। 

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जब दो मिनट भी नहीं चल पाई संसद 

राज्यसभा को अब तक 27 बार स्थगित किया जा चुका है। चौकानें वाली बात ते ये है कि 7 बार सदन सिर्फ 2 मिनट ही चली और 2 मिनट के अंदर ही सदन को स्थगित करना पड़ा। सांसद अपनी हंगामे में इतने मशगूल है कि वो ना तो देश और ना ही जनता के बारे में कुछ सोच रहे है। इसी कारण 4 बार सदन की कार्यवाही को एक मिनट के अंदर ही स्थगित करना पड़ा।   जबकि पिछले साल के 2017 के बजट सत्र को देखे तो काम काज के मामले में उस वक्त सहीं तरीके से कार्यवाही हुई थी। उस वक्त राज्यसभा में जो वक्त तय है उससे 7 घंटे अधिक काम हुआ था।

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