Sunday, Sep 24, 2023
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parties gathered in bengal fatah congressleft will face a big battle in front of tmc bjp albsnt

बंगाल फतह में जुटे दल! टीएमसी,बीजेपी के सामने कांग्रेस-लेफ्ट की होगी जोर-आजमाइश

  • Updated on 12/25/2020

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। जिसको लेकर सभी दलों ने तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में बीजेपी और टीएमसी को चुनौती देने के लिये कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी ने हाथ मिला लिया है। दरअसल कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी के सामने अपना वजूद बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है। जिसके लिये साथ आना किसी मजबूरी से कम नहीं है।

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कभी कांग्रेस का गढ़ रहा बंगाल

बता दें कि कभी कांग्रेस का गढ़ रहा पश्चिम बंगाल में तीन दशक तक सत्ता पर कब्जा रहा। वहीं उसके बाद लेफ्ट पार्टी ने लगभग साढ़े तीन दशक तक पश्चिम बंगाल में परचम लहराया। लेकिन बिगत 10 साल से लेफ्ट पार्टी भी राज्य की सत्ता से बाहर है। तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में दुबारा आने से लेफ्ट पार्टी और कांग्रेस के सामने चुनौती बरकरार है। लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी के गठबंधन के सामने सिर्फ तृणमूल कांग्रेस ही नहीं बल्कि बीजेपी भी मजबूती से खड़ी है। जिससे कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी के सामने सत्ता वापसी का रास्ता क्षीण नजर आ रहा है। 

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कांग्रेस और लेफ्ट के सामने हैं चुनौती

हालांकि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी ने 2016 में भी एक साथ चुनाव लड़ा था। लेकिन फिर भी टीएमसी को सत्ता से बाहर नहीं कर सका। फिर से टीएमसी को चुनौती देना तो दूर अस्तित्व को बचाना सबसे बड़ी चुनौती है। बीजेपी के 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटों पर जीतने और 40 फीसदी वोट पाने से टीएमसी और ममता बनर्जी की नींद उड़ा दी है। वहीं ममता के लिये मुश्किलें तब खड़ी हो गई जब टीएमसी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल हो गए। आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी और टीएमसी के सामने कांटे की टक्कर है।

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