Friday, Feb 26, 2021
-->
patanjali-ayurved-earned-net-profit-of-rs-424-crore-amid-corona-crisis-rkdsnt

कोरोना संकट में भी बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद की बल्ले-बल्ले 

  • Updated on 11/13/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। हरिद्वार स्थित पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2019-20 में 21.56 प्रतिशत बढ़कर 424.72 करोड़ रुपये रहा। कारोबारी जानकारी देने वाले मंच टॉफलर ने यह जानकारी दी।

राजद का नीतीश पर तंज, कहा- काम करते तब, छल नहीं करना पड़ता

टॉफलर के मुताबिक कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में 349.37 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। टॉफलर ने आगे बताया कि 31 मार्च 2020 को समाप्त वित्त वर्ष में पतंजलि आयुर्वेद की परिचालन आय 9,022.71 करोड़ रुपये , जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 8,522.68 करोड़ रुपये के मुकाबले 5.86 प्रतिशत अधिक है। 

अर्जुन रामपाल से NCP कर रही पूछताछ, अभिनेता का विदेशी दोस्त गिरफ्तार

वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी की कुल आय 9,087.91 करोड़ रुपये थी, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान 8,541.57 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन अवधि में पतंजलि आयुर्वेद का कुल व्यय 5.34 प्रतिशत बढ़कर 8,521.44 करोड़ रुपये रहा। योग गुरु रामदेव द्वारा प्रर्वितत इस संगठन का कर पूर्व लाभ वित्त वर्ष 2019-20 में 25.12 प्रतिशत बढ़कर 566.47 करोड़ रुपये था। आंकड़ों के अनुसार एक साल पहले की समान अवधि में यह 452.72 करोड़ रुपये था। 

सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ टिप्पणी पर अडिग हैं  हास्य कलाकार कुणाल कामरा

इन परिणामों पर टिप्पणी करते हुए स्वामी रामदेव ने बताया, ‘‘बीता वित्त वर्ष हमारे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था, जिसमें हमने रुचि सोया का अधिग्रहण किया। वित्तीय चुनौतियों के बावजूद हमने निर्बाध रूप से काम किया।’’ कंपनी की भविष्य की संभावनाएं पर उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में कंपनी के कारोबार में ‘‘अभूतपूर्व बढ़ोतरी’’ होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष में अधिक वृद्धि और कारोबार हासिल करेंगे।’’ 

उत्तराखंड: लाखी राम जोशी भाजपा से निलंबित, CM के खिलाफ पीएम को लिखा था खत

 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.