Monday, Aug 02, 2021
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बाबा रामदेव की बढ़ी मुश्किल, उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग ने पूछा- दवा लॉन्च करने की परमिशन किसने दी?

  • Updated on 6/24/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना की दवा कोरोनिल बनाने का दावा करने के बाद से ही बाबा रामदेव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बिहार में पतंजलि की दवा के दावे को लेकर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

इसके बाद राजस्थान सरकार ने भी बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज कराने की बात की है तो अब उत्तराखंड सरकार ने पतंजलि को नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विभाग ने नोटिस देने की बात करते हुए पूछा है कि दवा लॉन्च करने की परमिशन किसने दी?

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इस बारे में विभाग के लाइसेंसिंग ऑफिसर ने बताया कि पतंजलि के अप्लीकेशन पर हमने लाइसेंस जारी किया। लेकिन इस अप्लीकेशन में कहीं भी कोरोना वायरस की दवा बनाने का जिक्र नहीं किया था। बल्कि इसमें लिखा गया था कि हम इम्युनिटी बढ़ाने, कफ और बुखार की दवा बनाने का लाइसेंस ले रहे हैं।

इसके साथ ही उत्तराखंड आयुर्वेदिक विभाग की ओर से पतंजलि को नोटिस भेजा गया है। इससे पहले राजस्थान सरकार कोरोना की दवा कोरोनिल खोजने के दावे को बाबा रामदेव को फ्रॉड बताया। इस बारे में राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा है कि कोरोना महामारी में इस तरह से कोरोना की दवा बेचने की कोशिश करना अच्छी बात नहीं है।

बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण पर कोरोना की दवा बनाने को लेकर दर्ज हुआ मुकदमा

वहीँ, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव से इस कोरोना दवा को लेकर कई सवाल किए थे और बिना जांच के दवा लाने पर कोरोनिल दवा के प्रचार पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाबा रामदेव ने इसे कम्युनिकेशन गेप बताया था।

बहरहाल, खबर है कि आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव की दवा को लेकर अपने सभी शंकाओं को दूर कर लिया है और वापस उन्हें दवा के विज्ञापन करने की अनुमति दे दी गई है।

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