Thursday, Aug 11, 2022
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patients are not admitted to opd without antigen test

बिना एंटीजन जांच के मरीजों को ओपीडी में नहीं प्रवेश

  • Updated on 1/23/2022

नई दिल्ली, (टीम डिजिटल):दिल्ली से सटे नोएडा के जिला अस्पताल की ओपीडी में जाने से पहले मरीजों की एंटीजन जांच की जा रही है ताकि कोरोना संक्रमित मरीजों को अलग किया जा सके। इस तरीके से संक्रमण के खतरे को भी कम किया जा रहा है।

जिला अस्पताल में इंटरनल मेडिसीन सहित अन्य ओपीडी में जाने वाले मरीजों की एंटीजन जांच की जा रही है। जिन मरीजों को बुखार सहित अन्य परेशानियां हैं, उन्हें जांच के बाद ओपीडी में भेजा जा रहा है। जिला अस्पताल गेट के पास बने फ्लू क्लीनिक में सबसे पहले मरीजों को बुलाया जाता है। यहां उनकी स्क्रीनिंग कर उनकी एंटीजन जांच कराई जाती है। निगेटिव रिपोर्ट होने की स्थिति में ऐसे मरीजों को एक पर्चा बनाकर दिया जाता है जिसमें ओपीडी में दिखाने के निर्देश होते हैं। इस पर्चे से ही मरीज को अस्पताल के मुख्य भवन में प्रवेश दिया जाता है। साथ ही, ओपीडी में परामर्श से पहले भी इस पर्चे को दिखाना पड़ता है। इस पर्चे के बिना ओपीडी में डॉक्टर मरीज को परामर्श नहीं देते।

 

प्रतिदिन 600 से ज्यादा मरीजों की हो रही एंटीजन जांच

एंटीजन जांच में जिन मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होती है, उन मरीजों को आइसोलेट कर दिया जाता है। गंभीर स्थिति होने की दशा में कोविड अस्पताल में भर्ती कर दिया जाता है। सामान्य होने पर होम आइसोलेशन में मरीज को इलाज कराने के निर्देश दे दिए जाते हैं। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे दी जाती है। प्रतिदिन जिला अस्पताल में 600 से ज्यादा मरीजों की एंटीजन जांच की जाती है। जिला अस्प्ताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण यह व्यवस्था लागू की गई है।

 

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