Sunday, Jun 13, 2021
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देश में 'बायकॉट चाइना' का माहौल और चीन के सरकारी बैंक ने खरीदी ICICI बैंक में हिस्सेदारी

  • Updated on 8/18/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में चीन को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है। लद्दाख घाटी से लेकर चीनी माल के बहिष्कार तक देश का माहौल चीन को लेकर गर्म है। इसी दौरान खबर है कि चीन के पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (People's Bank of China) ने आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की हिस्सेदारी खरीद ली है। हालांकि इस बारे में फिलहाल जानकारों का कहना है कि इससे देश को कोई खतरा नहीं है।

बता दें, साल 2019 मार्च में चीन के सेंट्रल बैंक ने एचडीएफसी (HDFC) में अपना इंवेस्टमेंट बढ़ाकर 1 प्रतिशत से ज्यादा कर लिया था। जिसके बाद इस मामले को लेकर काफी विवाद भी हुआ। 

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ये भी बता दें कि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना म्यूचुअल फंडों, बीमा कंपनियों सहित उन 357 संस्थागत निवेशकों में शामिल है जिन्होंने कुछ समय पहले ही आईसीआईसीआई बैंक के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) ऑफर में 15,000 करोड़ रुपये का इंवेस्ट किया है। 

पूंजी जुटाने के लिए आईसीआईसीआई बैंक ने संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए कोशिश की थी और उसने पिछले हफ्ते ही टारगेट पूरा किया है।

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वहीं, जानकारों की माने तो चीन के इस कदम से देश को कोई खतरा नहीं है। क्योंकि चीन के सेंट्रल बैंक ने केवल 15 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट किया है वो भी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए किया गया है और इसमें दूसरे विदेशी इन्वेस्टर्स भी शामिल हैं जिनमें सिंगापुर की सरकार, मॉर्गन इनवेस्टमेंट, सोसाइटे जनराले हैं।

जानकारों की माने तो देश में बैंकिंग व्यवस्थाएं काफी सख्त हैं जिसकी पूरी निगरानी रिजर्व बैंक करता है। इसलिए ये देशहित खतरा नहीं है। लेकिन यहां ये देखना होगा कि चीन का सेंट्रल बैंक भारत में निवेश बढ़ा रहा है और भारत जैसे दूसरे देशों में भी। 

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पिछले साल एचडीएफसी में बढ़ाए गए अपने निवेश को लेकर हंगामा हुआ था। जिसके बाद सरकार ने अपने विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्ट के नियमों में कड़ाई कर दी थी, जिनमें चीन और दूसरे पड़ोसी देश से आने वाले इंवेस्टमेंट शामिल थे। हालांकि इतने हंगामे के बाद चीन ने एचडीएफसी में अपना निवेश 1 प्रतिशत से कम कर लिया था।

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