Monday, Sep 20, 2021
-->
petition-filed-in-court-to-stop-implementation-of-sachar-committee-report-rkdsnt

सच्चर समिति की रिपोर्ट लागू करने से रोकने के लिए कोर्ट में याचिका दायर 

  • Updated on 7/29/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है जिसमें केंद्र को सच्चर समिति की रिपोर्ट पर आगे बढऩे से रोकने का आग्रह किया गया है। यह रिपोर्ट नवंबर 2006 में सौंपी गई थी। संप्रग सरकार ने मार्च 2005 में दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र सच्चर की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया था। समिति को देश में मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार करनी थी। 

भाजपा के खिलाफ विपक्ष की एकता में जुटीं ममता ने गडकरी से की मुलाकात

उत्तर प्रदेश के पांच लोगों द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि नौ मार्च 2005 को प्रधानमंत्री कार्यालय से समिति के गठन के लिए जारी अधिसूचना में ‘‘कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि यह मंत्रिमंडल के किसी निर्णय के बाद जारी की जा रही है।’’ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है, ‘‘इस तरह, यह स्पष्ट है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने मुस्लिम समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति जानने के लिए खुद अपनी तरफ से ही निर्देश जारी किया, जबकि अनुच्छेद 14 और 15 में कहा गया है कि किसी धार्मिक समुदाय के साथ अलग से व्यवहार नहीं किया जा सकता।’’ 

दिल्ली दंगे: ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब

याचिका में कहा गया है कि इस तरह के आयोग का गठन करने की शक्ति संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत राष्ट्रपति के पास है। याचिका में दावा किया गया है कि समिति की नियुक्ति अनुच्छेद 77 का उल्लंघन थी और यह ‘‘असंवैधानिक तथा अवैध’’ है। याचिका में आग्रह किया गया है कि केंद्र को मुस्लिम समुदाय के लिए कोई योजना शुरू करने के लिए रिपोर्ट का क्रियान्वयन करने से रोका जाए।     

केजरीवाल सरकार ने केंद्र से की बहुगुणा को भारत रत्न देने की मांग, प्रस्ताव पारित

 

 

 

 

 

 

 

 

comments

.
.
.
.
.