Sunday, Oct 17, 2021
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पेट्रोल/डीजल के भाव आसमान पर, कांग्रेस ने पूछा- डीज़ल-पेट्रोल को GST में क्यों नहीं लाते मोदी जी?

  • Updated on 2/13/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के भाव में लगातार पाचवें दिन शनिवार को बढ़ोतरी की। इससे मुंबई में पेट्रोल 95 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है। पेट्रोल 30 पैसे और डीजल 36 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 88.41 रुपये/लीटर और डीजल 78.74 रु./लीटर हो गया है। इसके साथ ही विपक्ष ने मोदी सरकार पर सवाल उठाने शुरु कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर मोदी सरकार पर तंज कसने शुरु कर दिये हैं, वहीं कांग्रेस भी रह-रह कर सरकार को कोस रही हैं। 

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मुंबई में इन ईंधनों के भाव बढ़ कर क्रमश: 94.93 रुपये और 85.70 रुपये प्रति लीटर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। राज्यों में वैट और अन्य शुल्कों की अलग अलग दरों से पेट्रोलियम उत्पादों के स्थानीय भाव में अंतर होता है। पांच दिन में पेट्रोल की पद प्रति लीटर 1.51 रुपये और डील की दर 1.56 रुपये बढ़ी है।

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कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए सकरार से इन पर कर तत्काल कम किए जाने की मांग की है।  कांग्रेस अपने ट्वीट में लिखती है, 'डीज़ल-पेट्रोल के नाम पर डाका डालती सरकार, —लॉकडाउन के बाद पेट्रोल 22, डीज़ल 25% महँगा; सरकार पेट्रोल पर 38.50% और डीज़ल पर 27% टैक्स वसूलकर ख़ज़ाना भर रही है, जबकि महँगाई से जनता का जीना मुश्किल हो गया है। मोदी जी, डीज़ल-पेट्रोल को जीएसटी के अधीन क्यों नहीं लाते..?'

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पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को संसद में कहा था कि पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क घटाने का फिल हाल कोई विचार नहीं है। वैश्विक बाजार में कोविड संकट के बाद पहली बार कच्चे तेल का भाव 61 डालर प्रति बैरल तक चला गया है। भारत को पेट्रोलियम ईंधन की जरूरत के लिए 80 प्रतिशत आयात पर निर्भर करना पड़ता है। केंद्र पेट्रोल पर प्रति लीटर 32.9 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 31.80 रुपये उत्पाद शुल्क लगा रही है।

 

 

 

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