Tuesday, Dec 06, 2022
-->
petroleum employees union in assam stopped the supply of fuel to meghalaya

असम में पेट्रोलियम कर्मचारी संघ ने मेघालय को ईंधन की सप्लाई रोकी

  • Updated on 11/24/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। असम में पेट्रोलियम कर्मचारियों के शीर्ष निकाय ने बृहस्पतिवार को कहा कि असम से जा रहे वाहनों पर हमले की खबरों के बाद इसने मेघालय में ईंधन के परिवहन को रोक दिया है । इससे पहले असम-मेघालय सीमा पर हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी। इसी हिंसा की पृष्ठभूमि में वाहनों पर कथित हमले हुए हैं। 

असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) ने आईओसी, एचपीसीएल, और बीपीसीएल समेत सभी पीएसयू तेल विपणन कंपनियों को अलग-अलग पत्र भेज कर टैंकरों में ईंधन नहीं भरे जाने के यूनियन के फैसले के बारे में अवगत कराया । गुवाहाटी स्थित आईओसी के पूर्वोत्तर मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस तरह का पत्र मिलने की पुष्टि की है । 

हालांकि, नुमालीगढ़ रिफाइनरी के प्रवक्ता ने बताया कि ‘‘संबंधित अधिकारियों'' को अब तक पत्र नहीं मिला है। बीपीसीएल इस रिफाइनरी से अपने उत्पाद मेघालय भेजता है । एचपीसीएल अधिकारियों से इस संबंध में अब तक कोई टिप्पणी नहीं मिली है । एपीएमयू ने पत्र में मेघालय में असम के नंबर प्लेटों वाले वाहनों पर हमले की ओर इशारा किया है। 

इसमें कहा गया है, ‘‘पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिये..हमारे सदस्य वहां जाने से डर रहे हैं ।'' संगठन ने इस बात पर बल देकर कहा कि मौजूदा स्थिति में ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ उत्पादों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। 

शिलांग में फिर हुई हिंसा, पुलिस वाहनों में आग लगाई गई, पेट्रोल बम फेंके गए

असम से लगी मेघालय की सीमा पर हिंसा को लेकर बृहस्पतिवार शाम राजधानी शिलांग में एक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसके समाप्त होने के बाद पुलिस की एक बस और एक जीप में आग लगा दी गयी और पुलिस पर पथराव किया गया तथा पेट्रोल बम फेंके गये। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) विवेक सईम ने बताया कि प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में चार पुलिसकर्मियों समेत सात लोग घायल हो गये।

पुलिस की एक बस और जीप पर पेट्रोल बम फेंके गए, उन्हें आग लगा दी गई, जबकि एक ट्रैफिक पुलिस कक्ष को ढहा दिया गया। इसके अलावा बारिक चौक पर पुलिस पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके गए। इससे कुछ मीटर की दूरी पर ही खासी स्टूडेंट्स यूनियन, और फेडरेशन ऑफ खासी जैंतिया एंड गारो पीपल सहित विभिन्न संगठनों द्वारा कैंडल मार्च निकाया गया और हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया गया। पुलिस ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उन्हें आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

 

पुलिस ने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी बाकी है। गौरतलब है कि असम-मेघालय सीमा के साथ पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में एक विवादित स्थान पर मंगलवार तड़के हुई हिंसा में एक वन रक्षक सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। झड़प उस समय हुई जब अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों से लदे एक ट्रक को असम के वनकर्मियों द्वारा रोका गया था। घटना के बाद यात्री कारों पर सिलसिलेवार हमलों के बाद असम सरकार ने वाहनों को मेघालय ले जाने से रोक दिया है।

 

असम से मेघालय के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर पुलिसकर्मियों ने बैरिकेड्स लगा दिए हैं और लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वे असम की नंबर प्लेट वाले वाहनों में मेघालय न जाएं। इस बीच, असम में पेट्रोलियम कर्मचारियों के शीर्ष निकाय ने बृहस्पतिवार को कहा कि असम से जा रहे वाहनों पर हमले की खबरों के बाद इसने मेघालय में ईंधन के परिवहन को रोक दिया है । असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) ने आईओसी, एचपीसीएल, और बीपीसीएल समेत सभी पीएसयू तेल विपणन कंपनियों को अलग-अलग पत्र भेज कर टैंकरों में ईंधन नहीं भरे जाने के यूनियन के फैसले के बारे में अवगत कराया ।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.