Wednesday, Apr 25, 2018

ग्वालियर कोर्ट में चपरासी पद के लिए पहुंचे PhD, इंजीनियर और एमबीए पास, जज परेशान

  • Updated on 1/14/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मध्य प्रदेश में युवाओं की बेरोजगारी का आलम ये है कि एक चपरासी पद की भर्ती के लिए पीएचडी, इंजीनियर और एमबीए पास। खबर है मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला कोर्ट की जहां चपरासी के महज 57 पदों के लिए 60 हजार आवेदन आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पद के लिए सैलरी सिर्फ साढ़े सात हजार रुपए है, लेकिन अधिकतर उम्मीदवार इंजीनियर, एमबीए और यहां तक कि पीएचडी डिग्रीधारी हैं।

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इन आवेदनों को देखकर जिला कोर्ट प्रशासन भी पसीना-पसीना हो रहा है क्योंकि चपरासी पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास रखी गई है, इसलिए सभी को स्क्रीनिंग और पर्सनल इंटरव्यू के लिए जज के सामने से गुजरना होगा जो एक बड़ी चुनौती है। सेना भर्ती के बराबर शहर में उमड़ने वाली बेरोजगारों की इस भीड़ को कैसे नियंत्रित करेंगे, इसे लेकर प्रशासन के भी हाथ- पांव फूल गए हैं। पड़ोसी राज्यों से भी युवाओं ने आवेदन किया है।

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वहीं इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक उपाय किया है। इतनी बड़ी चयन प्रक्रिया से निपटने के लिए जिला कोर्ट ने 14 जजों की कमेटी गठित की है। 28 जनवरी से उम्मीदवार की स्क्रीनिंग शुरू होगी। पूरी प्रक्रिया 18 फरवरी तक चलेगी। 2857 आवेदकों की स्क्रीनिंग प्रत्येक जज को औसतन करनी होगी। 204 औसत आवेदक हर दिन एक जज के सामने से गुजरेंगे।

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