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pilot-dv-sathe-who-was-killed-in-the-kerala-plane-crash-gave-22-years-in-the-air-force-prshnt

केरल विमान हादसे में मारे गए पायलट डीवी साठे ने वायुसेना में दिया था 22 साल

  • Updated on 8/8/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केरल विमान हादसे में मारे गए कैप्टन में एक कैप्टन दीपक साठे थे जो पहले इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर रह चुके थे। वे भारतीय वायु सेना में एक प्रायोगिक परीक्षण पायलट थे। कैप्टन दीपक साठे मिग 21 के भी पायलट थे, जो 17 स्क्वाड्रन (गोल्डन एरो) अंबाला में रहे। स्क्वाड्रन 1999 कारगिल युद्ध में भी गया था इसके साथ ही कैप्टन साठे वायु सेना परीक्षण अकादमी में भी परीक्षक रहे।

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एयरफोर्स में 22 साल का रहा कार्यकाल
एयर इंडिया में शामिल होने से पहले कैप्टन साठे ने एयरफोर्स में लंबा समय बिताया था। उन्हें 11 जून 1981 को एयर फोर्स में कमीशन मिली थी और 22 साल की सेवा के बाद 30 जून 2003 को वे रिटायर हुए थे। अपने वायु सेना में कार्यकाल के दौरान उन्होंने एएफए में स्वार्ड ऑफ ऑनर जीता था उसके बाद वे फाइटर पायलट बने थे। कैप्टन साठे एयर इंडिया एक्सप्रेस 337 में जाने से पहले एयर इंडिया के एअरबस 310 की उड़ान में भी उड़ाने भर चुके थे। साथ ही वे एचएएल के टेस्ट पायलट भी रह चुके थे।

केरल में हुए इस दुर्घटना को लेकर जानकारों का मानना है कि इसमें पायलटों की साझेदारी हुई थी जिसकी वजह से ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बच पाई है।

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एयर इंडिया ने एक बेहद काबिल अधिकारी खोया
कैप्टन दीपक साठे की शिक्षा की बात करें तो वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र थे, उन्हें राष्ट्रपति पदक भी प्रदान किया गया था। साथ ही वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 58वें पाठ्यक्रम से थे, उन्होंने जून 1981 में सोर्ड ऑफ ऑनर के साथ वायु सेना अकादमी को पास किया था। कैप्टन साठे के पिता सेना में ब्रिगेडियर थे, केरल में हुए दुर्घटना में उन्होंने अपना दूसरा बेटा खोया है। इससे पहले उनके पहले बेटे कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे।

एयर इंडिया के अफसरों के मुताबिक कैप्टन दीपक एयर इंडिया के बेहतरीन पायलटों में से एक थे। कोझिकोड हादसे के बाद हर कोई उन्हें याद करते हुए कह रहा है कि एयर इंडिया ने एक बेहद काबिल अधिकारी को दिया है।

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