Monday, Mar 01, 2021
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Pilots aide arrives in Rajasthan HC seeking cancellation of FIR phone tapping case prshnt

पायलट के सहयोगी पहुंचे राजस्थान HC, फोन टैपिंग मामले में दर्ज FIR रद्द करने की कर रहे मांग

  • Updated on 10/13/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) के मीडिया मैनेजर लोकेन्द्र सिंह (Lokendra Singh) ने राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court ) का रुख किया और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है। अदालत में पायलट का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील एस एस होरा ने कहा, हमने प्राथमिकी को रद्द करने के लिए प्रार्थना की है। मैं कहता हूं कि कोई अपराध नहीं है।

बता दें कि यह मामला एक अक्टूबर को लोकेंद्र सिंह और आजतक के जयपुर स्थित संपादक शरत कुमार के खिलाफ राज्य पुलिस की एफआईआर से संबंधित है, जिसमें जैसलमेर के एक होटल में सीज किए गए विधायकों के फोन टैपिंग के संबंध में भ्रामक और नकली खबर फैलाने का आरोप लगाया गया था।

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एफआईआर में किया गया दावा ठीक नहीं
वकील एस एस होरा ने कहा कि उनका मामला एक अवमानना ​​है, उनके मामले अगर पूरी तरह से सच मान लिया जाए, लेकिन फिर भी एफआईआर में किया गया दावा ठीक नहीं है।

होरा ने कहा एफआईआर का दावा है कि यह वर्गों के बीच दुश्मनी पैदा करता है। उन्होंने सवाल किया, कौन सी वर्ग? क्या विधायक एक वर्ग हैं,  तीसरा, चैनलों द्वारा प्रसारित किया कि सोर्स केंद्रीय एजेंसियां ​​हैं, और चैनलों को अपने सर्सों का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है।

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एफआईआर में राजनीतिक ओवरटोन
होरा ने कहा, न्यूज 18 नेशनल और न्यूज 18 राजस्थान दोनों ने एक ही खबर का प्रसारण सुबह 8 बजे और दूसरा सुबह 10 बजे किया, और राजस्थान आजतक ने इसे लगभग 3.30 बजे प्रसारित किया। अब वे कहते हैं कि राजस्थान आजतक ने लोकेंद्र सिंह से प्राप्त इनपुट पर टेलीकास्ट किया।

उन्होंने कहा कि तब तक यह खबर देश भर में पहले से ही प्रसारित की जा रही थी, तो क्या नुकसान हुआ है, उन्होंने कहा कि एफआईआर में राजनीतिक ओवरटोन है और इसलिए इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए।

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