Saturday, Jan 22, 2022
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Piramal Group completes acquisition of debt ridden DHFL paid Rs 34250 crore rkdsnt

पीरामल ग्रुप ने कर्ज में डूबी DHFL का अधिग्रहण किया पूरा, चुकाए 34,250 करोड़ रुपये

  • Updated on 9/29/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पीरामल एंटरप्राइज लिमिटेड ने ऋणदाताओं को 34,250 करोड़ रुपये का भुगतान कर दीवान हाउसिंग फाइनेंस (डीएचएफएल) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कंपनी ने बुधवार को बताया कि डीएचएफएल की समाधान प्रक्रिया से उसके सावधि जमा (एफडी) धारकों सहित ऋणदाताओं को कुल 38,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। कंपनी ने कहा कि नकद और गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के रूप में पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (पीसीएचएफएल) द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि में लगभग 34,250 करोड़ रुपये शामिल हैं। 

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पीरामल समूह के चेयरमैन अजय पीरामल ने कहा कि यह लेनदेन वित्तीय सेवा क्षेत्र में आईबीसी नियमों के तहत सफल समापन का प्रतीक है और भविष्य के प्रस्तावों के लिए एक मिसाल कायम करता है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने अब तय राशि का भुगतान कर दिया है। मूल्य के संदर्भ में यह लेनदेन अब तक के सबसे बड़े प्रस्तावों में से एक है। हम पीसीएचएफएल और डीएचएफएल का विलय करेंगे और विलय की गई इकाई का नाम पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड रखा जाएगा।’’ 

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पीरामल ने कहा कि इस लेनदेन को पूरा करने के लिए नियामक की सभी आवश्यक मंजूरी मिल गई हैं और दोनों कंपनियों का विलय अगले कुछ सप्ताह के दौरान किया जाएगा। विलय की गई इकाई का 100 प्रतिशत मालिकाना अधिकार पीरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पास होगा। पीरामल समूह द्वारा किये गए 34,250 करोड़ रुपये के भुगतान में 14,700 करोड़ रुपये नकद और 19,550 करोड़ रुपये के ऋण साधन शामिल हैं। पीरामल ने कहा कि डीएचएफएल के 70,000 लेनदार हैं और उनमें से ज्यादातर इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने से अपने लंबित बकाया का लगभग 46 प्रतिशत मूल्य वसूल कर रहे हैं। 

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उन्होंने कहा कि इस अधिग्रहण से कंपनी को दस लाख से अधिक ग्राहकों तक पहुंच मिलेगी और इसकी 24 राज्यों में 301 शाखाओं में उपस्थिति होगी। साथ ही अगले तीन या चार वर्ष में कंपनी की देश में लगभग 1,000 स्थानों पर उपस्थिति की योजना है और वह निकट से मध्य अवधि में कम से कम 1,000 और लोगों को नियुक्त करेगी। गौरतलब है कि जनवरी, 2021 में डीएचएफएल के 94 प्रतिशत ऋणदाताओं ने पीरामल समूह की समाधान योजना के पक्ष में मतदान किया था।  

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