Monday, Nov 28, 2022
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plan-b of operation octopus will erase the existence of pfi, read the special report

ऑपरेशन ऑक्टोपस का प्लान-B मिटाएगा का PFI वजूद, पढ़ेें स्पेशल रिपोर्ट

  • Updated on 9/30/2022

नई दिल्ली/ संजीव यादव। ऑपरेशन आक्टोपस के जरिए देश भर में पीएफआई के दफ्तर में छापे, गिरफ्तारियों के बाद उस पर 5 साल के प्रतिबंध के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने प्लान- बी बनाया है। प्लान- बी के तहत अब न तो पीएफआई का नाम बदला जा सकेगा, और न ही आवरण बदलकर नई गतिविधियां शुरू की जा सकेंगी।

इसके लिए  गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस व सभी सुरक्षा एजेंसियों को एक एडवाइजरी जारी की है। जिसके मुताबिक अब किसी भी राज्य में बनने वाले किसी भी प्रकार के संगठन की जानकारी लोकल पुलिस को जरूर देनी होगी। साथ ही उस पर एक विस्तृत रिपोर्ट लोकल इंटेलिजेंस बनाएगी जिसे हर माह सेंट्रल एजेंसियों से शेयर किया जाएगा। 

इन राज्यों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश

सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी एडवाइजरी में महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल आदि राज्यों से कहा है कि देश में पीएफआई के पक्ष में माहौल बनाने और सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाडऩे की कोशिश हो सकती है। पुलिस और राज्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहें। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पीएफआई पर बैन लगने के बाद कई आतंकी संगठन व स्लीपर सेल बौखला सकते हैं, क्योंकि आने वाले समय में उनको फंड मिलना बंद होगा। 

पीएफआई को लेकर रखी जाएगी सावधानी

- पीएफआई से जुड़े लोग नया वॉट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप तो नहीं चला रहे हैं।
- पीएफआई पर प्रतिबंध के बाद कार्यकर्ता विरोध की कोई नई रणनीति बना रहे हैं?
- किसी तरह के औचक विरोध प्रदर्शन की तैयारी तो नहीं है?
- क्या किसी संदिग्ध शख्स से मुलाकात तो नहीं हो रही?
- ये कार्यकर्ता क्या करते हैं और बीते कुछ दिनों में किस तरह की आर्थिक गतिविधियां रही हैं?
  
क्या है प्लान बी?

सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक 170 लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं अभी भी एजेंसियों ने 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में रखा है। इन्हीं के जरिए सरकार ने करीब 2 हजार ऐसे लोगों की पहचान की है, जो अभी भी पीएफआई के सदस्य हैं और छापों के बाद भी उस संगठन के लिए काम कर रहें है।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य सरकारों को 152 लोगों की सूची दी है,जो पीएफआई के अहम सदस्य हैं और अंडरग्राउंड हैं। इनमें दिल्ली के भी करीब 20 से अधिक नाम हैं। एजेंसियों के मुताबिक शाहीन बाग और जामिया इलाका बेहद संवेदनशील है। नतीजतन, यहां पर विशेष सतर्कता रखी जा रही है। एजेंसियों के दावे के मुताबिक जिनपर फिलहाल सिर्फ नजर रखी जा रही है, उस लिस्ट में वे नाम हैं जो पीएफआई या उसके किसी अनुषांगिक संगठन से जुड़े रहे हैं। इनमें से कुछ नाम सेंट्रल एजेंसीज द्वारा भी दिए गए हैं। इन सभी लोगों को राडार पर रखा गया है। 

संवेदनशील इलाकों में मॉकड्रिल जारी

पीएफआई पर कार्रवाई होने के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जामिया व शाहीन बाग इलाके में जहां पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए,वहीं कई चिन्हित लोगों के सोशल मीडिया खाते समेत उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। रात को भी इन  इलाकों में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया।

इसके अलावा उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए 2020 के दंगे को लोग नहीं भूले हैं,जो पीएफआई ने एक सुनियोजित साजिश के तहत करवाया था। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में मॉकड्रिल की। इस संबध्ंा में डीसीपी संजय कुमार सेन ने बताया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाके बेहद संवेदनशील हैं। आने वाल माह त्यौहारी सीजन है, ऐसे में कोई बड़ी घटना न हो,नतीजतन मॉकड्रिल करवाई गई। 

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