Monday, Sep 27, 2021
-->
plantation-verification-to-know-the-ground-reality

पौधरोपण : जमीनी हकीकत जानने के लिए सत्यापन

  • Updated on 9/15/2021

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। मानसून के मौसम में हरियाली बढ़ाने पर काम चल रहा है। इसके तहत ढाई लाख से ज्यादा पौधे रोपित कराए गए हैं। शहर को हरा-भरा बनाने की यह मुहिम कितनी कारगर निकली है, इस सच्चाई को जानने के लिए अब स्थलीय सत्यापन किया जाएगा। यानी मौके पर जाकर अधिकारी यह देखेंगे कि पौधरोपण का काम सिर्फ कागजों तक सीमित तो नहीं है। शासन ने भी पौधरोपण का ब्यौरा मांगा है।

गाजियाबाद शहर को स्वच्छ एवं हरा-भरा रखने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उप्र शासन ने मानसून के मौसम में अधिकाधिक पौधे रोपित करने के निर्देश दिए हैं। रोपित पौधों की देखभाल भी की जाएगी। मिशन ग्रीनरी के तहत नगर निगम ने 1.22 लाख और जीडीए ने 1.30 लाख पौधे रोपित करने का दावा किया है। पार्कों एवं ग्रीन बेल्ट इत्यादि स्थानों पर यह पौधे रोपित किए गए हैं। पौधरोपण की सच्चाई जाने को अब स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। खास बात यह है कि जीडीए एवं नगर निगम के अधिकारी एक-दूसरे के काम का मौके पर जाकर आकलन करेंगे। दोनों विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कितने पौधे रोपित कराए गए हैं।

प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग ने भी पौधों के स्थलीय सत्यापन की जरूरत बताई है। इस कार्य के लिए दोनों विभागों ने अपनी टीमें गठित कर काम शुरू कर दिया है। रोपित पौधों की फोटोग्राफी भी की जाएगी। बाद में यह विवरण सामजिक वानिकी प्रभाग को भेजा जाएगा। दोनों विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद एक-दूसरे के काम का पता चल सकेगा। गाजियाबाद शहर में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी पौधरोपण पर निरंतर जोर दिया जा रहा है। वायु प्रदूषण की दृष्टि से गाजियाबाद की छवि बेहद खराब हो चुकी है। प्रतिवर्ष दीपावली पर्व के अवसर पर हालात ज्यादा भयावह हो जाते हैं। उधर, उप्र शासन ने भी मानसून के दौरान रोपित पौधों का ब्यौरा मांगा है। 
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.