Saturday, Jan 22, 2022
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सर्वदलीय बैठक में बोले PM मोदी- सरकार किसानों से बातचीत को हमेशा तैयार

  • Updated on 1/30/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) संसद के बजट सत्र के लिए सरकार का विधाई एजेंडा प्रस्तुत करने को लेकर आज सर्वलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से कहा कि उनकी सरकार प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों का बातचीत के जरिए समाधान निकालने का निरंतर प्रयास कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, संसद में विभिन्न दलों के सदन के नेताओं की डिजिटल बैठक में मोदी ने यह भी कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार ने जो प्रस्ताव दिया था वो आज भी बरकरार है। सरकार ने यह सर्वदलीय बैठक बजट सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और विधायी कार्यों के संदर्भ में चर्चा के मकसद से बुलाई थी। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस बैठक में अलग- अलग मुद्दे उठाए।

सूत्रों ने इस बैठक में प्रधानमंत्री के संबोधन का हवाला देते हुए बताया कि मोदी ने नेताओं से कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर प्रदर्शनकारी किसानों से सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं और तोमर ने इस महीने की शुरुआत में किसान नेताओं को इस बात से अवगत भी कराया था।

बैठक में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय, शिरोमणि अकाली दल के नेता बलविंदर सिंह भूंदड़, शिवसेना के विनायक राउत और कई अन्य नेता शामिल हुए।

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राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुआ बजट सत्र
दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र शुक्रवार को शुरू हुआ। आमतौर पर इस तरह की सभी बैठकें संसद के सत्र से पहले होती हैं, ताकि दोनों सदनों की कार्यवाही सुगमता से हो सके। इस वर्चुअल बैठक के दौरान, विपक्षी दलों द्वारा किसान आंदोलन पर चर्चा कराने की मांग किए जाने की संभावना है।

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विपक्ष उठा सकता है कृषि कानूनों का मुद्दा
दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पिछले दो महीनों से प्रदर्शनकारी किसान केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए डटे हुए हैं। हालांकि, विपक्षी दलों ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में इसी तरह की मांग की, लेकिन सरकार ने सुझाव दिया कि किसान आंदोलन का मुद्दा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठाया जा सकता है, जिसके लिए लोकसभा में दो, तीन और चार फरवरी को 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है।  

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बजट सत्र मेें सभी प्रकार के विचारों की हो प्रस्तुति : मोदी
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को संसद के बजट सत्र के पहले दिन सांसदों से संसद का भरपूर उपयोग तथा लोकतंत्र की सभी मर्यादाओं का पालन करते हुए चर्चा के माध्यम से जनआकांक्षाओं की पूॢत में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को अपेक्षा है कि इस सत्र में सभी प्रकार के विचारों की प्रस्तुति हो और उत्तम मंथन से उत्तम अमृत निकले। संसद भवन परिसर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2020 में अलग-अलग पैकेज के रूप में चार-पांच मिनी बजट देने पड़े।

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भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए सत्र बेहद जरूरी
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार का बजट उन चार-पांच बजट की श्रृंखला में ही देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह इस दशक का पहला सत्र है और यह दशक भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों को तेज गति से सिद्ध करने का यह स्वॢणम अवसर अब देश के पास आया है। इस दशक का भरपूर उपयोग हो, इसलिए इस सत्र में पूरे दशक को ध्यान में रखते हुए चर्चाएं हों।

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