Tuesday, Dec 06, 2022
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pm modi: history of slavery taught in conspiracies

हमें साजिशन पढ़ाया गया गुलामी का इतिहासः PM मोदी

  • Updated on 11/25/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य के जनरल लचित बरफूकन की 400वीं जयंती पर साल भर आयोजित कार्यक्रमों के समापन समारोह को आज संबोधित किया। विज्ञान भवन में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी हमें वही इतिहास पढ़ाया गया जिसको गुलामी के कालखंड में साजिशन रचा गया। आजादी के बाद आवश्यकता थी कि गुलामी के एजेंडे को बदला जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

इसके पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का निरंतर प्रयास रहा है कि गुमनाम नायकों को उचित सम्मान दिया जाए। इसी के अनुरूप देश 2022 को लचित बरफूकन की 400वीं जयंती वर्ष के रूप में मना रहा है। लचित बरफूकन के 400वें जयंती वर्ष समारोह का उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसी साल फरवरी में असम के जोरहाट में किया था।

लचित बरफूकन असम के पूर्ववर्ती अहोम साम्राज्य में एक सेनापति थे। सरायघाट के 1671 के युद्ध में उनके नेतृत्व के लिए उन्हें जाना जाता है। इस युद्ध में औरंगजेब के नेतृत्व वाली मुगल सेना का असम पर कब्जा करने का प्रयास विफल कर दिया गया था। इस विजय की याद में असम में 24 नवंबर को लचित दिवस मनाया जाता है।

सरायघाट का युद्ध गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के तटों पर लड़ा गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, लचित बोड़फूकन ने 1671 में लड़ी गई सरायघाट की लड़ाई में असमिया सैनिकों को प्रेरित किया, जिसकी वजह से मुगलों को करारी और अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा। उसने कहा, ‘‘लचित बरफूकन और उनकी सेना की ओर से लड़ी गई यह लड़ाई हमारे देश के इतिहास में प्रतिरोध की सबसे प्रेरणादायक सैन्य उपलब्धियों में से एक है।'

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