Wednesday, Mar 20, 2019

ये 5 खास बातें PM मोदी को देश के अन्य नेताओं से रखती है आगे, पढ़ें विस्तार से

  • Updated on 3/13/2019

नई दिल्ली/अमरदीप शर्मा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में देश की सत्ता के सिंहासन पर बैठकर करीब 5 साल तक सरकार का सफर तय किया है। उन्होंने अपनी नीतियों के बूते देश को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया है। पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तमाम ऊंचाईयों को छूआ तो कई मोर्चे पर सरकार को विफलता भी मिली।

पीएम मोदी अपने कार्यकाल के दौरान लगातार विपक्षी नेताओं के निशाने पर रहे। हालांकि इस कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी जनता के सबसे पसंदीदा प्रधानमंत्री बने रहने का तगमा अपने साथ लिए रहे। 

पीएम मोदी ने देश के भविष्य लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी जैसे कई अहम फैसले लिए जिसने देश के इतिहासों में लिखा गया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कई अन्य सरकारों से हटकर कुछ बड़े फैसले लिए। जिसने विपक्षी नेताओं को चौंका दिया। आज पीएम मोदी दोबारा से देश के प्रधानमंत्री बनने के लिए बीजेपी के प्रमुख चेहरा बने हुए हैं। हालांकि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि पीएम कई मोर्चों पर उतने कारगर साबित नहीं हो पाए। 

चलिए तो हम पीएम मोदी की उन बातों पर प्रकाश डालते हैं जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती हैं। मोदी में ऐसी कई खूबियां हैं जिसका विपक्ष ने भी लोहा माना है। इसके साथ ही कई मौकों पर पर पीएम को निराशा का भी सामना करना पड़ा है।

प्रखर वक्ता...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे वक्ता हैं जिन्हें सुनकर जनता मंत्रमुग्ध हो जाती है। जनसभाओं में उनकी भाषा शैली का कोई सानी नहीं है। इस बात के लिए उनकी दुनिया भर में तारीफ हो चुकी है। जब वे भाषण देते हैं तो जनता से सीधे जुड़ते हैं। सवाल- जवाब करते हैं। जनता उनकी इसी बात से कायल हो जाती है। मोदी जिस लहजे में बात करते हैं उससे वो वोटर से सीधे जुड़ते हैं। अपनी बात को साधारण भाषा में किसी के सामने कैसे रखा जाए। इसमें मोदी को महारथ हांसिल है। 

दूर दृष्टी...

मोदी को पता है कि उन्हें क्या करना है। वे दूर की सोचते हैं और बड़े फैसले लेते हैं। जिने कई मौकों पर खुद को साबित किया है। पीएम मोदी का सबका साथ- सबका विकास का नारा दिया। जिससे लोग उनके साथ जुड़ते गए। पीएम ने बिना डरे ही नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसले लिए। जिसके बाद कई राजनीतिक लोगों ने इसकी जमकर तारीफ की तो कई बड़े लोग इसके विरोध में नजर आए। पीएम मोदी ने विदेश में जाकर भारत की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी उपर पहुंचाया। जिसका असर पुलवामा हमले के बाद देखने को मिला। 

मीडिया से दूरी...

भले ही पीएम मोदी पिछले पांच साल में मीडिया के कैमरों पर हीरो की तरह नजर आते रहे हैं। चारों तरफ मोदी मोदी का ही शोर टीवी, अखबारों या जनसंचार के अन्य माध्यमों पर गूंजता रहा हो, लेकिन सच्चाई ये है कि मोदी ने हमेशा ही मीडिया से दूरी बनाई है। उन्होंने बहुत ही कम मीडिया से सीधे तौर पर संवाद किया है। मीडिया में भी इस बात की नाराजगी है कि वे अपनी बात मीडिया के जरिए नहीं बल्कि खुद लोगों के बीच रखते हैं। राजनीतिक लोगों की मानें तो मीडिया से दूरी मोदी की कमजोरी है।

आसाधारण ऊर्जा...

68 साल उम्र में भी पीएम मोदी के काम करने की ऊर्जा उन्हें विश्वभर में नई पहचान दिलाने का काम करती है।पीएम मोदी के अंदर इतनी ऊर्जा है कि वे दिन रात काम करते हैं। इस उम्र में उनकी दिनचर्या से बड़े- बड़े राजनीति के दिग्गज भी उनके इस काम से हैरान है। ऐसा और नेताओं में कम ही देखने को मिलता है। पीएम मोदी के इस दिन रात काम करने के कल्चर से और समय की परवाह न रखने का फैसला उनके नौकर शाहों को काफी परेशान करता है।

सूट- बूट की सरकार...

साल 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनाई थी तो उन्होंने सबका साथ और सबका विकास का नारा दिया था, लेकिन जैसे ही वक्त गुजरता गया और विपक्ष उन पर सूट- बूट की सरकार होने का आरोप लगा दिया। जिसके बाद पीएम काफी मौकों पर खुद को साबित करते भी नजर आए। हालांकि बड़े- बड़े बिजनेस मैन के साथ नाम जुड़ने से वे खुद को इस तगमे को नहीं बचा पाए।

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