Tuesday, Apr 13, 2021
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PM Modi praised Rajasthan government to protect against Corona Gehlot covid19 PRSHNT

PM मोदी ने राजस्थान सरकार द्वारा किए कोरोना से बचाव के उपाओं की सराहा की, गहलोत ने दिए 15 सुझाव

  • Updated on 4/28/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियो से हालात का जायजा लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तारीफ की। पीएम मोदी ने अशोक गहलोत द्वारा राज्य में कोरोना वायरस को लेकर उठाए गए कदमों की सराहना की। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि जिनको अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाया है वह लिखित रूप में अपने सुझाव भेज सकते हैं जिसके बाद अशोक गहलोत ने पीएम नरेंद्र मोदी को 15 सूत्री सुझाव भी भेजा।

सुझाव में सीएम गहलोत ने लॉक डाउन के कारण राज्यों के  अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ा है ऐसे में उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है जिसके लिए उन्हें एक लाख करोड़ रुपए का अनुदान उपलब्ध कराया जाए। जिसका आधार प्रति व्यक्ति जनसंख्या और कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप मापदंड हो सकता है।

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जीएसटी में छूट की मांग
इसके अलावा सीएम गहलोत ने कहा की कोरोना के कारण हर राज्य की स्थानीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए जीएसटी व्यवस्था के अंतर्गत राज्यों को दी जाने वाली सभी प्रतिपूर्ति की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर देना चाहिए। इसके अलावा गहलोत ने कहा कि सरकार और इसके बोर्ड कॉरपोरेशन तथा कंपनियों को भारत सरकार और उसके विभिन्न संस्थाओं जैसे पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन आदि से लिए गए लोन के भुगतान की किस्तों पर मूल और ब्याज दोनों पर 6 माह का मुफ्त मोरटोरियम दिया जाए।

सीएम अशोक गहलोत ने किसानों के लिए भी मांग रखी है उन्होंने कहा कि किसानों को इस समय में राहत देना प्राथमिकता होनी चाहिए और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले इसके लिए जरूरी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की सीमा को कृषि उत्पादन के 25% से बढ़ाकर 50% कर देना चाहिए।

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आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की मांग
इसके अलावा सीएम गहलोत ने कहा कि विश्व महामारी का सबसे बुरा प्रभाव उद्योग और व्यापार पर पड़ा है, देश में करीब डेढ़ महीने से औद्योगिक गतिविधियां बंद है ऐसे में इन सभी को उबारने के लिए केंद्र द्वारा एक व्यापक आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज दिया जाना जरूरी है और यह पैकेज उसी तरह होना चाहिए जैसा 2008 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के समय दिया गया था।

इसके अलावा राजकोषीय व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात कही है, लॉक डाउन के दौरान अधिकतर उद्योग बंद होने के कारण अब बड़े स्तर पर श्रमिकों को वेतन और मजदूरी में परेशानी आई है, जिसके लिए भारत सरकार को इन श्रमिकों के वेतन भुगतान के लिए निर्णय लेकर उनके वेतन को 6 माह तक के लिए देना चाहिए।

इस तरह की व्यवस्था कई देशों ने उद्योग व्यापार संकट से उबरने के लिए अपनाया है। वहीं दूसरे राज्य में फंसे प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय योजना की आवश्यकता है राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों में शीघ्र विचार विमर्श कर एक योजना बनाई जाए कि कैसे लोगों को उनके घर पहुंचाया जाएगा।

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राज्यों के बीच सप्लाई चैन बहाल की जरूरत
वहीं अशोक गहलोत ने कहा कि आर्थिक व्यवस्था तब तक पटरी पर नहीं आएंगे, जब तक राज्यों के बीच सप्लाई चैन बहाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खुदरा क्रय विक्रय को सुचारू करने के लिए अंतर राज्य आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देना जरूरी है और इसके लिए जल्द से जल्द कार्यवाही भी जरूरी है। वहीं राज्यों को आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए स्वतंत्रता मिलना जरूरी हो जाता है। देखा जाए तो हर राज्य की स्थानीय परिस्थितियां अलग है ऐसे में भारत सरकार राष्ट्रव्यापी समान निर्देशों के स्थान पर राज्यों को स्थानीय स्तर पर मापदंड निर्धारित करने की स्वतंत्रता दे सकती है।

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