Wednesday, Apr 01, 2020
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पीएम मोदी के असम दौरे से होगी शांति और प्रगति के नए युग की शुरुआत- हर्षवर्धन

  • Updated on 2/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) आने और बोडो शांति समझौते के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का पहला असम दौरा है। पीएम मोदी के अमस दौरे को लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि इससे शांति और प्रगति की शुरुआत असम में होगी। 

हर्षवर्धन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम दौरे के साथ आज पूर्वोत्तर में शांति व प्रगति के नए युग की शुरूआत होगी। आज बोडो समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किए जाने का जश्न मनाया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि मोदी जी की यह पहल बोडो लोगों के जीवन में नया सवेरा लाएगी। 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बोडो समझौते (Bodo agreement) को लेकर कोकराझार (Kokrajhar) में होने वाले समारोह में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि इस मौके पर मोदी बोडो समझौते के बारे में लोगों को संबोधित करेंगे। आज यानि 7 फरवरी, 2020 को होने वाले इस समारोह के लिए बोडो समझौते पर 27 जनवरी, 2020 को नई दिल्‍ली में हस्‍ताक्षर किए गए थे। 

CAA विरोध और बोडो समझौते के बाद असम में PM मोदी का आज पहला दौरा

मैं असम में दौरे को लेकर उत्सुक- पीएम मोदी
बता दें कि गत दिसम्बर में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद से यह प्रधानमंत्री का पहला पूर्वोत्तर दौरा होगा। असम में इस दौरे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, कल मैं असम में दौरे को लेकर उत्सुक हूं। मैं एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कोकराझार में रहूंगा। हम बोडो समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किये जाने का जश्न मनाएंगे जिससे दशकों की समस्या का अंत होगा। यह शांति और प्रगति के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा।

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बोडो समुदाय
दरअसल बोडो असम का सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है जो राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 6 प्रतिशत है। लंबे समय तक असम के बड़े हिस्से पर बोडो आदिवासियों का नियंत्रण रहा है। असम के चार जिलों कोकराझार, बाक्सा, उदालगुरी और चिरांग को मिलाकर बोडो टेरिटोरिअल एरिया डिस्ट्रिक्ट को गठित किया गया है। बोडो समुदाय ने वर्ष 1966 में अलग बोडोलैंड बनाए जाने की मांग की थी। 

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