Friday, Jan 18, 2019

प्रधानमंत्री मोदी ने तय किया लोकसभा चुनाव 2019 का एजेंडा, निशाने पर कांग्रेस

  • Updated on 1/12/2019

नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलीला मैदान में सियासी आगाज दे दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष की भाजपा विरोधी लहर बनाने की कोशिश पर बड़े रणनीतिक तरीके से देश की जनता का ब्रेनवॉश किया। साथ ही सीधे सवाल किया कि जनता तय करे-कैसा सेवक चाहिए। सबकी सुनने वाला या काम करने वाला। 

कांग्रेस ने सपा-बसपा गठबंधन पर साधी चुप्पी, अकेले लड़ने के दिए संकेत

माना ये जा रहा है कि इस सवाल के जरिए मोदी ने विपक्षी जमावड़ा की रणनीति पर स्पीड ब्रेकर पैदा करने की कोशिश की है। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले इसी रामलीला मैदान से नरेन्द्र मोदी ने चुनाव की हुंकार भरी थी। तब उन्होंने जनता और कार्यकर्ता से केन्द्र की संप्रग सरकार को उखाड़ फेकने का आह्वान किया था। उसी तर्ज पर शनिवार को मोदी ने एकबार फिर कार्यकर्ताओं के सामने 2019 का टास्क रख दिया है। उन्होंने अनुशासन और सामूहिकता का पाठ पढ़ाते हुए भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता और नेता को बूथ को मजबूत रखने का मंत्र दिया। अपने ढेढ़ घंटे के भाषण में मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव का पूरा एजेंडा सेट करने की कोशिश की है। 

BSP-SP गठबंधन में RLD को नहीं मिलीं मनमाफिक सीटें, नाउम्मीद नही हैं नेता

भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में जनता को सीधे कनेक्ट करते हुए पूछा कि आपको कैसा प्रधानसेवक चाहिए। जैसे आप अपने घर का सेवक तय करते हैं वैसे ही तय कीजिए की देश को कैसा प्रधानसेवक चाहिए। देश मजबूत सरकार चाहता है। लेकिन, ये सारे मिलकर अब देश में एक मजबूर सरकार बनाने में जुट गए हैं। वो नहीं चाहते कि देश में मजबूत सरकार बने और उनकी दुकान फिर बंद हो जाए। 

BJP बोली- लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठजोड़ का यूपी में नहीं होगा असर

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर सीधे अटैक करते हुए कहा कि वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि भ्रष्टाचार कर सकें,जबकि हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि व्यवस्था में भ्रष्टाचार को खत्म कर सकें। वो मजबूर सरकार इसलिए भी चाहते हैं, ताकि अपने परिवार का, अपने रिश्तेदारों का भला कर सकें। मगर, देश मजबूत सरकार चाहता है, ताकि सबका साथ-सबका विकास हो सके। वो रक्षा सौदों में दलाली,किसानों की कर्जमाफी में घोटाला करने वाली सरकार चाहते हैं और हम हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश सेना और किसान को सशक्त कर सकें। उन्होंने पूछा कि रात दिन काम करने वाला, अपनेपन के साथ सेवाभाव से जुडऩे वाला, भावी पीढ़ी की सेवा करने वाला, ईमानदारी से काम करने वाला, सबको एकजुट रखने वाला प्रधानसेवक चाहिए या वो वाला चाहिए । 

शिवपाल यादव पर मायावती के आरोप को लेकर प्रसपा ने दी सफाई

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन का समापन करते हुए पीएम मोदी ने सरकार के साढ़े 4 साल की उपलब्धियां भी गिनाई। साथ ही सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वह घर-घर जाएं और सरकार के कार्यों को बताएं।  प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो कांग्रेस ने 12 सालों तक उन्हें परेशान किया, लेकिन उन्हें कानून पर और संस्थाओं पर भरोसा था। मोदी ने कांग्रेस पर देश की संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप लगाया। बीजेपी कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए जी-जान से जुटने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई सल्तनत और संविधान में आस्था रखने वालों के बीच की है। एक तरफ वे हैं जो किसी भी तरह अपनी सल्तनत बचाने की जुगत में हैं और एक तरफ हम हैं जो संविधान के लिए लड़ते हैं।

सपा-बसपा के गठजोड़ से सीएम योगी हुए बेचैन, निकाली भड़ास

कांग्रेस पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि सरकार बिना भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है। साथ ही सत्ता के गलियारों में टलहने वाले दलालों को भी बाहर किया जा सकता है। भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है। भाजपा की सरकार का मूलमंत्र है सबका साथ-सबका विकास और एक भारत-श्रेष्ठ भारत। जब हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं तो उनमें क्षेत्रीय अस्मिताओं और आकांक्षाओं के लिए पूरा स्थान है।

राममंदिर प्रक्रिया में रोड़ा डाल रही है कांग्रेस 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अध्योध्या में राम मंदिर के मसले पर भी कांग्रेस पर हमला बोला। साथ ही कहा कि अयोध्या विषय में कांग्रेस अपने वकीलों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नहीं चाहती की अयोध्या विषय का हल आए। कांग्रेस का ये रवैया किसी को भूलना नहीं चाहिए।  

शत्रुघ्न का मोदी पर निशाना, बोले- आपको मन की बात में बादशाहत है, लेकिन...

गठबंधन पर कटाक्ष : एक व्यक्ति को हराने के लिए एकजुट    
  गठबंधन की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो राजनीतिक दल एक जमाने में कांग्रेस के तौर तरीकों को सही नहीं मानते थे वो आज एकजुट हो रहे हैं। जब कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जमानत पर हैं, तब ये दल कांग्रेस के सामने सरेंडर कर रहे हैं। ये देश के मतदाताओं को धोखा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राजनीति विचारों पर की जाती है। गठबंधन विजन पर बनते हैं। लेकिन, ये पहला अवसर हैं जब ये सब राजनीतिक दल सिर्फ एक व्यक्ति को हराने के लिए एकजुट हो रहे हैं। 

शिवसेना ने CBI पर PM मोदी को लिया आड़े हाथ, राफेल पर राहुल का समर्थन

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि ये सारे मिलकर क्यों साथ आ रहे हैं, इनका इरादा क्या है? ये सारे मिलकर अब देश में एक मजबूर सरकार बनाने में जुट गए हैं। मोदी ने कहा कि एक-दूसरे का विरोध करने वाली पार्टियां आज एक व्यक्ति को हराने के लिए साथ आ रही हैं।  कांग्रेस और विपक्ष पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ये वही लोग हैं जो देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाले गैंग के साथ हैं। सर्जिकल स्ट्राइक को खून की दलाली कहने वाले यही लोग हैं। ये लोग संस्थाओं से किस तरह बर्ताव करते हैं, इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। इसके बाद पीएम ने कुछ राज्यों में सीबीआई को प्रतिबंधित करने को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने सीबीआई पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनको डर किस बात का लग रहा है। ऐसा क्या कारनामे किए कि उनकी नींद हराम हो गई है। 


जमानत पर चल रहे लोगों के भरोसे देश नहीं छोड़ सकते  
 कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधामनंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसका नामदार परिवार व्यवस्था को कैसे तोड़ता है उसका उदाहरण है कि नेशनल हेराल्ड केस। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष व अन्य नेता जमानत पर बाहर हैं। यह केस 2012 से यूपीए के समय से ही चल रहा है। कांग्रेस के नेता किस तरह जनता का धन हड़प लेते हैं, जमीन हथिया लेते हैं। यह केस यह बताता है। इस केस में इतनी सारी एजेंसियों ने समन और नोटिस दिए हुए हैं लेकिन कांग्रेस की फस्र्ट फैमिली ने उन्हें तवज्जों नहीं दी। वे नामदार हैं कैसे लोअर कोर्ट में आएंगे। 

उन्होंने कहा,यंग इंडिया केस में उन्हें 44 बार बुलाया गया, एक भी बार नहीं आए। 6 महीने में 6 बार मौका दिया गया, नहीं आए। वे अपनी कमाई, अपने रिटर्न, अपने इनकम टैक्स रिटर्न को जनता के बीच नहीं आने देते हैं। जमानत पर बाहर रहने वाले लोग जो किसी संस्थान का इज्जत नहीं करते, वे जनता का क्या करेंगे। गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज उन्हें सीबीआई स्वीकार नहीं है, कल कोई दूसरी संस्था स्वीकार नहीं होगी। सेना, पुलिस, सुप्रीम कोर्ट, इलेक्शन कमीशन, सीएजी, सब गलत हैं, लेकिन एकमात्र वही सही हैं। उन्होंने कहा कि क्या हम राष्ट्र को उनके भरोसे छोड़ सकते हैं? जमानत पर बाहर घूमनें वाले इन नेताओं को न कानून पर विश्वास है, न सत्य पर भरोसा है, और न ही इनको संस्थानों पर विश्वास है। इनको राजशाही पर भरोसा है, लेकिन हम लोकशाही को मनाने वाले लोग हैं।  

विकास की राह में रोड़े अटकाए  
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता विकास के हर काम में बाधा पहुंचाने की है। उन्होंने कहा, मेक इन इंडिया की बात हुई, जीएसटी की बात हुई, स्वच्छ भारत की बात हुई तो कांग्रेस विरोध करती है। कांग्रेस अपनी बैठकों में तो जीएसटी का समर्थन करती है लेकिन इसके लिए मध्य रात्रि को बुलाए गए संसद सत्र का बहिष्कार करती है।

नए भारत के आत्मविश्वास को आगे बढ़ाएगा आरक्षण 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सामान्य श्रेणी के गरीब युवाओं को शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण नए भारत के आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने वाला है। ये सिर्फ आरक्षण नहीं है बल्कि एक नया आयाम देने की कोशिश है। उन्होंने कहा, आज के युवा को पता है कि उसकी आवाज सुनी जा रही है। वह जानता है कि उसके देश की शान मजबूत हो रही है। वह जानता है कि देश की आर्थिक और सामरिक हैसियत मजबूत हो रही है। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि पहले से जिनको आरक्षण की सुविधा मिल रही थी उनके हक को छेड़े बिना, छीने बिना भाजपा सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

कार्यकर्ता रहें सचेत, समाज में करें व्यापक चर्चा 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि भाजपा के हर कार्यकर्ता को इस व्यवस्था के पीछे के भाव और इसके लाभ को समाज के भीतर व्यापक चर्चा करनी चाहिए। कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं कि इस बारे में भ्रम फैला कर असंतोष की आग लगाते रहे। हमें उनकी साजिशों को भी नाकाम करते चलना है। 

बेटी बचाओ अभियान का मजाक उड़ाया 
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का विरोधियों ने मजाब उड़ाया। लेकिन, आज बेटियां सक्षम हैं और शक्ति का रूप भी हैं। यही कारण है कि भारत के इतिहास में पहली बार सशस्त्र बलों में बेटियों की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है, बेटियां फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं। 

अन्नदाता को भी बनाना चाहते हैं ऊर्जादाता   
पीएम मोदी ने कहा कि जब हम किसानों की समस्या के समाधान की बात करते हैं तो पहले की सच्चाइयों को स्वीकार करना जरूरी है। पहले जिनके पास किसानों की समस्याओं का हल निकालने का जिम्मा था, उन्होंने शॉर्टकट निकाले, उन्होंने किसानों को सिर्फ मतदाता बना रखा। हम अन्नदाता को ऊर्जादाता भी बनाना चाहते हैं। हमारी सरकार ने स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों को न सिर्फ लागू किया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों को एमएसपी का डेढ़ गुना दाम मिले। यूपीए सरकार ने अपने आखिरी पांच साल में किसानों से 7 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद की। हमने बीते साढ़े चार साल में 95 लाख मीट्रिक टन उपज किसान से खरीदी। अब भी हम किसानों के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं।

पटेल प्रधानमंत्री होते तो तस्वीर कुछ और होती 
पीएम मोदी ने जीएसटी को अर्थव्यवस्था के लिए उचित कदम बताया। साथ ही कहा कि स्वतंत्रता के बाद अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो देश की तस्वीर कुछ और ही होती। वैसे ही 2000 के चुनाव के बाद अगर अटल जी प्रधानमंत्री बने रहते तो आज भारत कहीं और होता। इतने सारे लोगों का स्वेच्छा से रियायतें छोड़ देना, उद्यमियों का जीएसटी से जुड़ते जाना और आयकर भरने वालों की संख्या में जुड़ते जाना.. यह इसलिए हो रहा है कि देश के निर्माण में हर कोई आगे आ रहा है।
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.