Friday, Dec 06, 2019
pm narendra modi mann ki baat after lok sabha election 2019

रेडियो पर पीएम मोदी की दूसरी पारी का आगाज, 'मन की बात' में कही ये बात

  • Updated on 6/30/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद आज पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' की। मन की बात में पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एक लंबे अंतराल के बाद आपके साथ 'मन की बात' हो रही है। साथ ही उन्होंने जल समस्या जैसे कई मुद्दों को लेकर लोगों से बात की। उन्होंने कहा कि :

  • 'नशा' नाम की कहानी पढ़ते समय मेरा मन अपने-आप ही समाज में व्याप्त आर्थिक विषमताओं पर चला गया'। 'मुझे अपनी युवावस्था के दिन याद आ गए कि कैसे इस विषय पर रात-रात भर बहस होती थी'।
  • मुझे हाल ही में किसी ने ‘प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानियां’ नाम की पुस्तक दी। प्रवास के दौरान मुझे उनकी कुछ कहानियां फिर से पढ़ने का मौका मिल गया। 
  • पूरे देश में जल संकट से निपटने का कोई एक फॉर्मूला नहीं हो सकता है। इसके लिए जब हम एकजुट होकर, मजबूती से प्रयास करते हैं तो असंभव को भी संभव कर सकते हैं। जब जन-जन जुड़ेगा, जल बचेगा।
  • पीएम मोदी ने कहा कि, पानी की समस्या को लेकर मैंने ग्राम प्रधानों को पत्र लिखे।
  • पीएम मोदी ने बताया, 2019 का चुनाव इतिहास में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव था।
  • पीएम मोदी ने बताया, मन की बात देश और समाज के लिए आईने की तरह है।
  • दुनिया के हिसाब से चीन को छोड़ कर किसी भी देश की आबादी से ज्यादा लोगों ने वोट किया है। यह हमारे लोकतंत्र की विशालता और व्यापकता का परिचय कराता है।
  • मन की बात में पीएम मोदी ने प्रेमचंद्र की कहानी 'ईदगाह', 'पूस की रात' और 'नशा' का जिक्र किया और कहा कि हमें किताबें पढ़नी चाहिए।
  • जब देश में आपातकाल लगाया गया था तब उसका विरोध सिर्फ राजनीतिक दायरे, राजनेताओं तक सीमित नहीं रहा था, जेल के सलाखों तक आंदोलन सिमट नहीं गया था। जन-जन के दिल में आक्रोश था और खोए हुए लोकतंत्र की एक तड़प थी।
  • 'मन की बात के इस अल्पविराम के कारण जो खालीपन था, केदार की घाटी में, उस एकांत गुफा में, कुछ भरने का अवसर जरूर दिया, जैसे केदार के विषय में लोगों ने जानने की इच्छा व्यक्त की हो।
  • काफी चिट्ठियां, टेलीफोन कॉल, सन्देश आते हैं लेकिन उनमें शिकायत का तत्व बहुत कम होता है और किसी ने कुछ अपने लिए मांगा हो, ऐसी बात पिछले पांच वर्षों में उनके ध्यान में नहीं आई है।
  • मन की बात के लिए जो चिट्ठियां आती हैं, एक प्रकार से वह भी मेरे लिये प्रेरणा और ऊर्जा का कारण बन जाती हैं
  • चुनाव की आपाधापी में व्यस्तता तो ज्यादा थी लेकिन मन की बात का मजा ही गायब था, एक कमी महसूस कर रहा था।
  • एक लंबे अंतराल के बाद आपके बीच मन की बात, जन-जन की बात, जन-मन की बात इसका हम सिलसिला जारी कर रहे हैं।

बता दें कि, पीएम मोदी का यह कार्यक्रम 'मन की बात' 4 महीने बाद हो रहा है। हालांकि, 24 फरवरी को पीएम मोदी ने मन की बात में मार्च और अप्रैल के लिए कार्यक्रम रोकने की घोषणा की थी, जिसके बाद आज पीएम मोदी लोगों से मन की बात कर रहे हैं। 

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