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pm oli''''s chair survived, ruling communist party meeting postponed  prsgnt

नेपालः बच गई PM ओली की कुर्सी, सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक टली

  • Updated on 7/4/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति की वह बैठक टल गई है जिसमें प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के भविष्य पर फैसला होना था। आधिकारिक घोषणा के मुताबिक बैठक सोमवार तक के लिए स्थगित हुई है। प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार सूर्य थापा ने बताया कि लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के शीर्ष नेताओं को और वक्त की जरूरत है, इसलिए बैठक सोमवार तक के लिए स्थगित की गई है।

पार्टी की 45 सदस्यीय स्थायी समिति की अहम बैठक शनिवार को होने वाली थी। एनसीपी के शीर्ष नेताओं ने ओली के भारत विरोधी बयान के चलते उनका इस्तीफा मांगा है। उनका कहना है कि भारत विरोधी टिप्पणियां ‘न तो राजनीतिक रूप से सही हैं और न ही कूटनीतिक लिहाज से उचित हैं।’

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खतरे में है ओली की कुर्सी!
पीएम ओली के खिलाफ खुद उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और सदस्य खड़े हो गये हैं। उनका मानना है कि भारत के खिलाफ टिप्पणी करना और ये कहना कि उन्हें पद से हटाने की साजिश की जा रही है, ये बेहद गलत है। इस बारे में पार्टी के कार्यकारी प्रमुख पुष्प कुमार दहल प्रचंड ने ओली की कड़ी आलोचना की थी।

इतना ही नही ओली के फैसलों के कारण उनकी सरकार के कई मंत्री भी उनके खिलाफ हो गये थे और पार्टी के सांसदों ने भी उनकी आलोचना की थी।

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बहकावे में आए ओली
जानकारों की माने तो केपी ओली चीन के बहकावे में आ गये हैं। उन्होंने चीन के कहे पर भारत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके साथ ही भारत के तीन इलाकों को अपने नक्शे में शामिल कर उसे संसद में पास भी करा लिया।

इस हरकत से भारत और नेपाल के रिश्ते में खटास आ गई। ओली से भारत को ऐसी उम्मीद नहीं थी, लेकिन ये भी समझना होगा कि वो चीन की बातों में आ कर ऐसा कर गये हैं, जो सरासर गलत है।

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ओली की एकतरफा सरकार
वहीँ, पार्टी के स्थायी समिति के एक सदस्य गणेश शाह ने ओली पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि ओली एकतरफा सरकार चला रहे हैं और वो प्रचंड को भी काम नहीं करने देते हैं। इस लिए बैठक के बीच ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे पार्टी और सरकार दोनों की बातें सुनी जाएं और पालन किया जाए।

बताते चले कि इससे पहले ओली ने राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात की थी और फिर  राष्ट्रपति ने संसद का बजट सत्र स्थगित कर दिया था।

यहां पढ़ें भारत-चीन विवाद से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

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