Tuesday, Jun 22, 2021
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PM मोदी के बयान पर PMO की सफाई- गलत अर्थ न निकालें, चीन के दुस्साहस का जवाब देंगे

  • Updated on 6/20/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत और चीन के बीच हुई हिंसक घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक पार्टियों के सामने जानकारी रखी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत अन्य 20 दलों के नेता भी शामिल हुए। इस दौरान पीएम ने कहा कि ‘’कोई भी भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा और न ही किसी भारतीय चौकी पर कब्जा किया गया है’’।

पीएम के इस बयान के बाद उन्हें चौतरफा घेरा जाने लगा और उन पर विपक्षी पार्टियों ने सवाल दागने शुरू कर दिए कि अगर कोई भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा है तो हमारे 20 जवान कैसे शहीद हुए? इस तरह की लगातार आ रही टिप्पणियों के चलते अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम के बयान का स्पष्टीकरण जारी किया है।

पीएमओ की तरफ से कहा गया है कि ‘पीएम ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय सीमा की ओर चीनी सेना की कोई मौजूदगी न होने वाली टिप्पणियां सशस्त्र बलों की वीरता के बाद के हालात से जुड़ी हैं।'  पीएमओ ने कहा कि 'सैनिकों के बलिदानों ने ढांचागत निर्माण और 15 जून को गलवान में अतिक्रमण की चीन की कोशिशों को नाकाम कर दिया।'

पीएमओ ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री की टिप्पणियां गलवान में 15 जून को हुई घटनाओं पर केंद्रित थी जिसमें 20 सैनिकों को जान गंवानी पड़ी थी। पीएम ने हमारे सशस्त्र बलों की वीरता और देशभक्ति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने वहां मौजूद चीनी दावों को खारिज कर दिया था। प्रधानमंत्री की टिप्पणी इस बारे में थी कि हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी के बाद एलएसी पर हमारी सीमा के भीतर कोई चीनी मौजूदगी नहीं थी।'

पीएमओ ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीएम मोदी के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। यह तब किया गया है जब सेना को मोटिवेशन की जरूरत है।

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