Wednesday, Jan 19, 2022
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किसान आंदोलन: प्रदर्शन स्थलों पर बढ़ी पुलिस की नाकाबंदी, बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसे किसान

  • Updated on 2/4/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटिल। नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन में मौजूद किसानों को अब कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पुलिस ने यहां बुनियादी जरूरतों में कटौती कर आंदोलन को कमजोर करने की हर संभव कोशिश की है। सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों ने कहा पुलिस द्वारा किलेबंदी कर शौचालय, स्वच्छ सुविधाओं और पानी जैसी जीवनयापन की बुनियादी जरूरतों को खत्म कर दिया गया है।

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सुरक्षा के मद्देनजर बढ़ी बैरिकेडिंग 
सिंघु बॉर्डर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों की बीच 29 जनवरी को हल्की झड़प की स्थिति बन गई थी, ऐसे में अब फिर से ऐसी स्थिति न बने इसके मद्देनजर पुलिस ने यहां बैरिकेडिग बढ़ा दी है। इसके साथ कुछ अन्य रास्तों को भी बंद कर दिया गया है। बैरिकेडिंग के बाद से यहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को शौचालय या पानी के लिए एक लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।

पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में नहीं छोड़ना चाहती कोई कसर 
दरअसल, गणतंत्र दिवस पर किसान परेड में हुई पूरी दिल्ली में हिंसा को देखते हुए अब दिल्ली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। सिंघू बॉर्डर पर बुधवार को पुलिस ने करीब डेढ़ किलोमीटर पहले यानी सिंघौला गांव की लालबत्ती से ही आवाजोही को पूरी तरह से बंद कर दिया है। वहां पर सिर्फ सुरक्षा व मीडिया कर्मियों को ही जाने की इजाजत मिल रही है। वो भी अपने-अपने आईकार्ड दिखाकर। सुरक्षा का आलम यह कर दिया गया है कि पुलिस भी अपने प्राइवेट वाहनों को अंदर नहीं ले जा सकती हैं।

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आंदोलनकारियों के बीच में आरोपी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 26 जनवरी को हुई हिंसा के आरोपी भी सिंघू बॉर्डर पर आंदोलन के बीच में बैठे हुए हैं। जिनको डर है कि अगर वो बाहर निकलते हैं तो दिल्ली व हरियाणा पुलिस उनको पकड़कर जेल में बंद कर देगी। इसलिए वह वहां से नहीं निकल रहे हैं। उनकों आंदोलनकारियों का भरपूर साथ मिल रहा है। जब तक वह वहां पर हैं तभी तक वह सुरक्षित हैं। बाहर निकालते ही उनको पकड़ लिया जाएगा।

ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे उपद्रवियों को पकड़ने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों के भेष में वह अंदर मौजूद भी हैं, लेकिन वे उनपर बस नजर ही बनाए हुए हैं। वह उनको अंदर से पकड़कर बाहर बी नहीं ला सकते हैं। अगर वे ऐसा करते हैं को शांतिभंग होने की पूरी-पूरी उम्मीद है। इसलिए वे वेट एंड वाच की स्थिति ही अपनाए हुए हैं।

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